कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण, अनियमितताओं पर जताई नाराजगी
रीवा। जिले में कुपोषण दूर करने और आंगनवाड़ी केंद्रों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने रायपुर कर्चुलियान स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-4 का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में बच्चों की उपस्थिति कम पाए जाने पर नाराजगी जताई और इसे गंभीरता से लिया।
आंगनवाड़ी में सुविधाओं की कमी पर कलेक्टर ने जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को यह जानकारी दी गई कि केंद्र में मध्यान्ह भोजन और नाश्ता नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। यह सुनकर उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया कि संबंधित स्व-सहायता समूह से पूरी जानकारी प्राप्त करें और आवश्यक कार्रवाई करें। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के लिए पोषण आहार की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने उपस्थित ग्रामवासियों से अपील की कि वे भी केंद्र की निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि आंगनवाड़ी समय पर खुले, बच्चों की उपस्थिति नियमित हो और उन्हें पोषण आहार सही समय पर मिले। उन्होंने कहा, "आंगनवाड़ी केवल एक केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं का आधार है। इसलिए इसकी सुचारू व्यवस्था बहुत आवश्यक है।"
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएँ
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई आंगनवाड़ी केंद्रों में केवल अभिलेखों में संचालन दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में बच्चों की उपस्थिति मात्र 10% के आसपास है। कार्यकर्ता जिला मुख्यालय में रहकर केंद्र संचालित कर रहे हैं, जबकि सहायिकाएँ केंद्रों की देखरेख कर रही हैं। इसके चलते कुपोषण के शिकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को पोषण से वंचित होना पड़ रहा है।
ग्रामवासियों ने बताया कि कई केंद्रों में पोषण आहार वितरण में अनियमितताएँ हैं और इसकी मॉनिटरिंग सही ढंग से नहीं हो रही है। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी केंद्रों का विस्तृत सर्वेक्षण करें और सही स्थिति की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएँ।
राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान यह भी उजागर हुआ कि कई आंगनवाड़ी केंद्रों में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अनियमितताएँ बनी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, कई आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण योजनाओं का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है, और इन केंद्रों की गतिविधियों की जाँच करने वाले अधिकारियों पर दबाव डाला जाता है। यदि कोई अधिकारी इन अनियमितताओं पर सवाल उठाता है तो उसे हटाने की साजिश की जाती है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों की सख्त निगरानी की जाए और यदि किसी केंद्र में गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों से सहयोग की अपील
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने ग्रामवासियों से अपील की कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करें और यदि कोई अनियमितता नजर आए तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने कहा कि "समुदाय की भागीदारी से ही इन योजनाओं का सही लाभ जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं तक पहुँच सकता है। प्रशासन इस दिशा में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और आवश्यक कदम उठाएगा।"
जिला प्रशासन की कार्रवाई पर होगी नजर
कलेक्टर के इस निरीक्षण के बाद जिले के अन्य आंगनवाड़ी केंद्रों की भी जाँच शुरू होने की संभावना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और क्या वास्तविक सुधार देखने को मिलता है।




