रीवा संभाग में नशा माफियाओं पर कसा शिकंजा: मनगवां में 293 किलो गांजा जब्त, IG गौरव सिंह राजपूत की पहल से अपराधियों में हड़कंप
विंध्य वसुंधरा समाचार रीवा (विशेष रिपोर्ट संजय पाण्डेय)।
रीवा संभाग में नशे के विरुद्ध चल रहे अभियान ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव सिंह राजपूत की सख्त निगरानी और मार्गदर्शन में माफिया नेटवर्क की कमर तोड़ने की कवायद तेज हो गई है। जिले-दर-जिले, थाना-दर-थाना सक्रिय होती पुलिस अब सिर्फ सतही कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि अपराध की जड़ों को उखाड़ने में लगी है।
इस व्यापक अभियान के तहत थाना मनगवां पुलिस ने 30 मई को एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की जब दो बड़े गांजा तस्करों को गिरफ्तार करते हुए 293.16 किलो गांजा और एक वाहन के साथ कुल ₹50.47 लाख रुपये मूल्य की जब्ती की गई। यह कार्रवाई रीवा संभाग में नशा माफियाओं के विरुद्ध अब तक की सबसे बड़ी अभियानों में से एक मानी जा रही है।
मनगवां बना नशा कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई का केंद्र
मंगलवार, 30 मई को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम अमवा की नहर पुलिया के पास एक सफेद रंग की ईको कार में दो व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ गांजा लेकर बिक्री हेतु खड़े हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक वर्षा सोनकर ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर त्वरित पुलिस दल गठित किया। मौके पर पहुंचकर वाहन की घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को धरदबोचा गया।
जप्त सामग्री:
293.16 किलो अवैध गांजा (अनुमानित कीमत ₹43,97,400)
ईको कार (MP-17 CC-7911) (अनुमानित कीमत ₹6,50,000)
कुल जप्ती मूल्य: ₹50,47,400
गिरफ्तार आरोपी:
1. शुभम उर्फ गोलू जायसवाल, पिता मुद्रिका जायसवाल, उम्र 25 वर्ष, निवासी इटौरा बाईपास, थाना विश्वविद्यालय, रीवा
2. अरुण कुमार मिश्रा, पिता रामलखन मिश्रा, उम्र 50 वर्ष, निवासी सिरखनी, थाना रायपुर कर्चुलियान, रीवा
इनके विरुद्ध NDPS एक्ट की धारा 8, 20(बी) के तहत अपराध क्रमांक 288/2025 दर्ज किया गया। पूछताछ जारी है, जिससे गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।
कार्रवाई की अगुवाई करने वाली टीम:
निरीक्षक वर्षा सोनकर (थाना प्रभारी, मनगवां) उपनिरीक्षक सुशील सिंह सार्जेंट सियाशरण रावत प्रधान आरक्षक विष्णुदत्त पांडे आरक्षक अवनीश तिवारी, बृजकिशोर अहिरवार, यशवंत सिंह, अमरीश
यह अभियान पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल और अनुविभागीय अधिकारी उमेश प्रजापति के निर्देशन में संपन्न हुआ।
IG गौरव सिंह राजपूत की रणनीति: माफिया नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की पहल
आईजी गौरव सिंह राजपूत के संभाग में पदस्थापना के बाद से ही रीवा पुलिस की कार्यप्रणाली में स्पष्ट अनुशासन और तेजी देखी जा रही है। चाहे मेडिकल नशा हो, नकली सिरप, गांजा तस्करी या साइबर ठगी—हर स्तर पर संगठित अपराधियों पर कार्रवाई जारी है।
जनसंवाद से मिल रही ताकत
आईजी द्वारा जनता से सीधा संवाद स्थापित करने से पुलिस को जमीनी स्तर पर इन नेटवर्क्स की सटीक जानकारी मिल रही है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर के अंदरूनी मोहल्लों तक, अब नागरिक पुलिस को सहयोग कर रहे हैं और गुप्त सूचनाएं दे रहे हैं।
नकली पत्रकारों और सफेदपोशों पर भी पैनी नजर
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ तथाकथित पत्रकार, सफेदपोश लोग और यहां तक कि कुछ पुलिसकर्मी भी नशा कारोबारियों से सांठगांठ में लिप्त पाए गए हैं। ऐसे लोगों की पहचान के लिए गोपनीय जांच टीमें गठित की गई हैं। IG से यह अपेक्षा है कि जो सफेद पोस लोग ड्रग माफिया के संरक्षक हैं उन्हें भी चिन्हित कर कार्यवाही की जाय,
साइबर अपराधों पर भी शिकंजा
सिर्फ नशे पर नहीं, बल्कि साइबर ठगी के मामलों पर भी अब थाना स्तर पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को इन अपराधों से बचाव की जानकारी दी जा रही है।
राजनीतिक समर्थन से मिला बल
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नशा मुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में इस अभियान को राजनीतिक समर्थन दिया है। उन्होंने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी सीमावर्ती क्षेत्रों में समन्वय की बात कही है। उनकी मंशा के अनुसार अब पुलिस सीधे तस्करी के ट्रांजिट मार्गों पर वार कर रही है।
एक निर्णायक मुहिम की शुरुआत
रीवा संभाग में चल रहा यह अभियान अब किसी औपचारिकता का हिस्सा नहीं बल्कि एक व्यापक सामाजिक चेतना बन चुका है। मंगवां की यह ऐतिहासिक कार्रवाई साबित करती है कि पुलिस जब ठान ले, तो अपराध और अपराधी कहीं टिक नहीं सकते।
यह सिर्फ कानून की जीत नहीं, समाज की जीत है।



