विवाह की खुशियाँ लूट ले गए चोर — अगड़ाल में एक ही रात दो घरों में 30 लाख की चोरी, घर के अंदर-बाहर की शौच, तीसरी बार श्यामा चरण के घर में सेंध
रीवा (म.प्र.)। गढ़ थाना अंतर्गत ग्राम अगड़ाल में 2-3 मई की दरम्यानी रात दो घरों में चोरों ने धावा बोलकर लगभग 30 लाख रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। यह चोरी न सिर्फ आर्थिक क्षति का कारण बनी, बल्कि अमानवीयता की हदें पार करते हुए चोरों ने घरों के भीतर और बाहर शौच कर वहाँ गंदगी फैलाई, जिससे पीड़ित परिवारों की भावनाओं और धार्मिक आस्थाओं को गहरा आघात पहुँचा है। जिस समय घरों में विवाह की तैयारियाँ चल रही थीं, उसी दौरान हुई यह घटना, गांववासियों के लिए एक मनोवैज्ञानिक आघात बन गई है।
पहली घटना — लक्ष्मण प्रसाद तिवारी के घर 12-14 लाख की चोरी
ग्राम अगड़ाल निवासी लक्ष्मण प्रसाद तिवारी पिता रघुनाथ प्रसाद तिवारी के घर चोर खिड़की तोड़कर घुसे और विवाह के लिए संजोकर रखे गए सोना-चांदी के जेवर, नगदी, वस्त्र और अन्य जरूरी सामान चुरा ले गए। पीड़ित की दो बेटियाँ विवाह के लिए घर आई थीं, जिनका अधिकांश सामान भी चोरी हो गया। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कुल मिलाकर लगभग 12 से 14 लाख रुपये की क्षति हुई है।
दूसरी घटना — श्यामा चरण तिवारी के घर तीसरी बार सेंधमारी
इसी गांव के एक अन्य निवासी श्यामा चरण तिवारी पिता केशव प्रसाद तिवारी के घर चोर उत्तर दिशा की दीवार काटकर दाखिल हुए। यहां से लगभग 15 से 16 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति पर हाथ साफ किया गया। यह तीसरा मौका है जब उनके घर में चोरी हुई है, जबकि पहले की दो घटनाओं में आज तक कोई सुराग नहीं मिला। चोरों ने इस घर के बक्सों को उठा कर घर के पीछे झाड़ियों में ले जाकर तोड़ा और सामग्री बिखेर दी।
अमानवीयता की हद — चोरों ने घर के भीतर और बाहर शौच कर फैलाई गंदगी
चोरी की इन वारदातों में जिस बात ने सबसे अधिक आक्रोश और पीड़ा उत्पन्न की, वह था चोरों का जानबूझकर किया गया अमानवीय कृत्य — घरों के अंदर और बाहर शौच कर गंदगी फैलाना। पीड़ित परिवारों ने इसे न सिर्फ मानसिक प्रताड़ना माना, बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से भी इसे घोर अपवित्र और अपमानजनक माना है। यह कृत्य चोरों की मानसिक विकृति और पीड़ितों को नीचा दिखाने की मानसिकता का परिचायक माना जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस पहुँची मौके पर, लेकिन फॉरेंसिक टीम नहीं
घटना की सूचना मिलते ही गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पांडे, सहायक उप निरीक्षक एच.डी. वर्मा एवं सुखेंद्र सिंह तत्काल मौके पर पहुँचे और घटनास्थल की गहन जाँच कर, उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट दी। हालांकि, 3 मई की दोपहर तक भी फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर नहीं पहुँच सकी, जिससे ग्रामीणों में रोष उत्पन्न हो गया है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी वारदात के बावजूद जाँच में लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।
स्थानीय गिरोह पर शक, पुलिस की निष्क्रियता से आक्रोश
ग्रामीणों का मानना है कि चोरी की यह वारदात किसी स्थानीय गिरोह द्वारा अंजाम दी गई है, जिन्हें विवाह की तैयारियों और घरों में रखे सामान की जानकारी पहले से थी। पूर्व में भी कई बार इस गांव में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन आज तक एक भी मामले का खुलासा नहीं हुआ है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्क्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पीड़ितों को न्याय की प्रतीक्षा, गांव में भय और रोष का माहौल
इस घटना से पूरा गांव दहशत और गुस्से में है। ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर चोरों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और चोरी गई संपत्ति बरामद की जाए। साथ ही, श्यामा चरण तिवारी के घर पूर्व में हुई दो चोरियों का भी तत्काल खुलासा हो।
सवाल वही — क्या रीवा पुलिस दिला पाएगी न्याय?
ग्राम अगड़ाल की यह घटना केवल एक चोरी नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से झकझोर देने वाली त्रासदी है। विवाह जैसे शुभ अवसर की तैयारियों को जिस प्रकार अपवित्रता से बाधित किया गया, वह पुलिस-प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। अब यह देखना होगा कि रीवा पुलिस इन पीड़ितों को न्याय दिला पाती है या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह केवल आँकड़ों में सिमटकर रह जाएगा।

