भूमिहीनों को न्याय की ओर बढ़ता कदम — सेदहा पंचायत के जिरौही में हुआ ड्रोन सर्वे का सत्यापन, जल्द मिलेगा सरकारी पट्टा
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बाद जिला प्रशासन की सक्रियता, सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी की भूमिका रही सराहनीय
सरकार की महत्वाकांक्षी "आवास अधिकार योजना" के तहत मध्य प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में उन गरीब, वंचित और भूमिहीन परिवारों को अब स्थायी छत और जमीन पर मालिकाना हक मिलने की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है, जो दशकों से सरकारी जमीन पर कच्चे या अर्ध-पक्के मकानों में रह रहे थे।
इसी क्रम में रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत सेदहा के जिरौही टोला में ड्रोन सर्वे के बाद भौतिक सत्यापन की कार्यवाही संपन्न हुई। यह प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक रूप से अहम रही, बल्कि जनआंदोलन की शक्ल ले चुकी नागरिक सक्रियता का भी परिणाम थी।
शिकायत बनी कार्रवाई की नींव, जिला कलेक्टर ने दिए थे आदेश
जिरौही की हरिजन एवं आदिवासी बस्ती में निवासरत दर्जनों परिवार लंबे समय से सरकारी जमीन पर बसे हुए हैं, लेकिन आज तक उन्हें उनके घरों की ज़मीन का कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं मिल सका था। इस उपेक्षा को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए समय पर ड्रोन सर्वे न कराए जाने और भू-अभिलेख प्रक्रिया में देरी को उजागर किया था।
शिकायत के आधार पर जिला कलेक्टर रीवा एवं भू-अभिलेख विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सेदहा हल्का पटवारी को निर्देशित किया कि संबंधित स्थल पर जाकर भौतिक सर्वेक्षण किया जाए।
भू-स्वामित्व की ओर पहला ठोस कदम
दिनांक 24 मई को हुए इस सर्वेक्षण के दौरान सेदहा हल्का पटवारी श्री नीरत ने स्थल पर पहुंचकर प्रत्येक मकान और उससे जुड़ी भूमि का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने भूमि पर निवास कर रहे परिवारों के नाम, मकानों की स्थिति, और सरकारी ज़मीन पर वास्तविक कब्जे की पुष्टि की।
अब इस सत्यापन के आधार पर पात्र हितग्राहियों के नाम सरकारी पट्टा जारी किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। यह पट्टा न केवल उन्हें भूमि का वैधानिक स्वामित्व देगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि वे सरकार की अन्य योजनाओं — जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, बैंक लोन, बिजली कनेक्शन, आदि — का भी लाभ उठा सकें।
ड्रोन सर्वे के समय उपस्थित रहे ये प्रमुख जनप्रतिनिधि और ग्रामीण
इस सर्वेक्षण के दौरान न केवल प्रशासनिक अधिकारी बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और दर्जनों ग्रामीण लाभार्थी भी मौजूद रहे। उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में —
सरपंच प्रतिनिधि पुष्पराज सिंह
पूर्व सरपंच राजमणि सिंह
मनोज सिंह
शिवेंद्र सिंह
सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी
वहीं लाभार्थी परिवारों में प्रमुख रूप से राजकुमारी कोल, राकेश कोल, राजबहोर कोल, राम कैलाश साकेत, राकेश साकेत, दिलभरन कोल, रजनीश कोल, नंदलाल कोल एवं कमलेश साकेत आदि की उपस्थिति रही।
लोगों में जागा विश्वास, मिली उम्मीद की नई किरण
इस पूरी प्रक्रिया को देखकर ग्रामवासियों में उत्साह और प्रशासन पर विश्वास की भावना बढ़ी है। वर्षों की उपेक्षा और अनदेखी के बाद उन्हें उम्मीद है कि अब उन्हें न केवल उनकी जमीन पर मालिकाना हक मिलेगा, बल्कि वे आत्मसम्मान और स्थायित्व के साथ जीवन यापन कर सकेंगे।



