ग्राम लोरी में सत्यराज गोस्वामी के निवास पर चल रही 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा का नवां दिवस श्रद्धा व भक्ति के साथ सम्पन्न
१०८ जगत गिरि जी महाराज के सान्निध्य में महन्त कमल गिरि गोस्वामी जी महाराज ने कराया भगवान शिव की लीलाओं का भावमय रसपान
ग्राम लोरी स्थित सत्यराज गोस्वामी के निवास पर चल रही 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा का नवां दिवस सोमवार को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। भक्तों का उत्साह चरम पर रहा जब इंदौर से पधारे प्रख्यात कथा वाचक महन्त कमल गिरि गोस्वामी जी महाराज ने १०८ जगत गिरि जी महाराज के दिव्य सान्निध्य में शिव महापुराण की गूढ़ एवं कल्याणकारी कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।
भगवान शिव की करुणा और न्याय का वर्णन
नवां दिवस भगवान शिव की करुणा, तपस्या, ज्ञान और परिवारिक जीवन से संबंधित प्रसंगों को समर्पित रहा। महन्त कमल गिरि गोस्वामी जी ने शिव-पार्वती संवाद, शिव के गृहस्थ जीवन की मर्यादाएं, तथा शिव के न्यायप्रिय स्वरूप का गूढ़ वर्णन करते हुए बताया कि शिव केवल संहारक नहीं, वरन् सृष्टि संतुलन के परम आधार हैं। उन्होंने कहा कि शिव का जीवन त्याग, सेवा और प्रेम का प्रतीक है।
शिव तत्व का तात्त्विक विवेचन
कथा के दौरान महन्त कमल गिरि जी ने श्रद्धालुओं को शिव तत्व की परिभाषा बताते हुए कहा कि "शिव" का अर्थ है – कल्याण, और जो समस्त ब्रह्मांड को कल्याण की ओर ले जाए, वही शिव है। उन्होंने भक्तों को साधना, संयम, सेवा और सद्भावना के चार स्तंभों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हुआ वातावरण
कथा स्थल पर जैसे ही "हर हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष गूंजे, वातावरण भक्ति और अलौकिक ऊर्जा से भर गया। उपस्थित भक्तजन कथा के हर प्रसंग में डूबते चले गए। महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया।
१०८ जगत गिरि जी महाराज का आशीर्वचन
१०८ जगत गिरि जी महाराज ने कथा के उपरांत आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि शिव महापुराण आत्मा को शुद्ध करने वाला ग्रंथ है। इसके श्रवण मात्र से जन्मों के पापों का नाश होता है और जीवन में सच्ची शांति की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से गांवों में अध्यात्म की धारा बहती है और नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का अवसर प्राप्त होता है।
प्रसाद वितरण एवं भक्तों की सेवा
कथा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। आयोजन समिति द्वारा उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गईं थीं, जिनमें बैठने, जलपान और सुरक्षा की उचित व्यवस्था रही। महिला समितियों ने सेवा भाव से प्रसाद वितरण में सहयोग दिया।
समापन की ओर बढ़ रही कथा
आयोजक सत्यराज गोस्वामी ने जानकारी दी कि अगले दो दिवसों में कथा में शिव-पार्वती विवाह, रावण द्वारा शिव तांडव स्तोत्र की रचना, तथा दक्ष यज्ञ विध्वंस जैसे अत्यंत रोचक और गूढ़ प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
गांव में बना भक्ति का माहौल
ग्राम लोरी इन दिनों पूरी तरह से शिवमय हो गया है। हर गली और द्वार पर भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है। कथा स्थल पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। लोग दूर-दराज से आकर भगवान शिव की कथा का लाभ ले रहे हैं।



