सीधी: रेलवे अधिग्रहण पर ग्रामीणों का गुस्सा, नायब तहसीलदार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
सीधी (मध्य प्रदेश)। जिले के रामपुर नैकिन तहसील क्षेत्र के पटेहरा गांव में बुधवार को प्रशासनिक अमले पर हुए हिंसक हमले ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। रेलवे अधिग्रहण से जुड़ी कार्रवाई के तहत जानकारी देने गांव पहुंचे एक राजस्व चौकीदार को ग्रामीणों ने पहले बंधक बना लिया और जब उसे छुड़ाने नायब तहसीलदार जयप्रकाश पांडे पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उन पर जानलेवा हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया।
चौकीदार को बनाया बंधक
जानकारी के अनुसार, पटेहरा गांव में रेलवे परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेजी जानकारी देने के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से राजस्व विभाग का एक चौकीदार भेजा गया था। लेकिन जैसे ही वह गांव पहुंचा, कुछ ग्रामीणों ने उसे घेरे में ले लिया और अधिग्रहण से नाराज होकर उसे जबरन एक घर में बंद कर दिया।
नायब तहसीलदार पर हुआ हमला
घटना की सूचना मिलते ही रामपुर नैकिन तहसील के नायब तहसीलदार जयप्रकाश पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर चौकीदार को मुक्त कराने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आक्रोशित ग्रामीणों ने अचानक तहसीलदार को घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट इतनी भीषण थी कि तहसीलदार जमीन पर गिर पड़े, इसके बावजूद भी ग्रामीणों ने उन पर लगातार वार किए।
सूत्रों के अनुसार, नायब तहसीलदार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और उनके सिर, पीठ और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं। आनन-फानन में पुलिस ने किसी तरह उन्हें भीड़ से बचाया और सीधी जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासनिक अमले में भय का माहौल
घटना के बाद से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, गिरफ्तारी के प्रयास जारी
सीधी पुलिस ने इस संबंध में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि हमले में शामिल ग्रामीणों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, "यह घटना न केवल एक प्रशासनिक अधिकारी पर हमला है, बल्कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है। आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।"
भूमि अधिग्रहण से नाराज हैं ग्रामीण
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, ग्रामीण रेलवे अधिग्रहण को लेकर असंतुष्ट हैं। उन्हें मुआवजे की राशि को लेकर आपत्ति है और वे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह वैध और नियमानुसार की जा रही है, लेकिन जागरूकता की कमी और गलतफहमियों के चलते विरोध की स्थिति बन गई।

