रीवा-मऊगंज में मिलावटी पेट्रोल-डीजल से जनजीवन खतरे में — सत्ता-संरक्षण में फल-फूल रहा जहरीला कारोबार, गाड़ियों के इंजन जल रहे, जनता तबाह, प्रशासन मौन
रीवा और मऊगंज जिलों में पेट्रोल-डीजल में मिलावट का अवैध और खतरनाक कारोबार इस कदर बेलगाम हो चुका है कि अब यह आम नागरिकों की जान और संपत्ति दोनों के लिए सीधा खतरा बन गया है। ईंधन के नाम पर जहरीला मिश्रण धड़ल्ले से बेचा जा रहा है, जिसके कारण वाहन बर्बाद हो रहे हैं, आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं, और फिर भी जिला प्रशासन पूरी तरह चुप है। यह चुप्पी क्या केवल लापरवाही है, या किसी संगठित मिलीभगत का परिणाम?
घटना का खुलासा: पेट्रोल भरवाते ही बंद हुई गाड़ी, मैकेनिक ने बताया—‘पेट्रोल नहीं, ये जहर है!’
दिनांक 21 जून 2025 को रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र में संचालित लोरी में अवैध पेट्रोल दुकान में वाहन क्रमांक MP17 MT 6125 में स्थानीय विक्रेता से पेट्रोल भरवाने के कुछ ही मिनटों बाद गाड़ी अचानक बंद हो गई। ड्राइवर ने कई प्रयास किए लेकिन वाहन स्टार्ट नहीं हुआ। मजबूरी में गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर मैकेनिक के पास ले जाया गया।
सत्ता का कवच: अवैध विक्रेता सरकारी शराब दुकान का कर्मचारी, रसूख
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मिलावटी पेट्रोल बेचने वाला विक्रेता गढ़ कंपोजिट शराब में अवैध पेकारी करता है।जिससे कुछ दलालों के चक्कर में आ कर विवाद करने में उतारू है। जब उससे पेट्रोल के संबंध में बताया गया तो आग बबूला हो कर गाली गलौज करने में उतारू हो गया और बोला कि जो करना है कर लो
इस व्यक्ति का प्रभाव इतना है कि जब पीड़ित ने उससे मिलावट की शिकायत की, तो उसने उल्टा उसे धमकाया, गालियाँ दीं और मारपीट करने पर उतारू हो गया।
जानलेवा मिलावट से चरम पर खतरा — सिर्फ गाड़ियाँ नहीं, जानें जा सकती हैं
मऊगंज और रीवा में ऐसे दर्जनों स्थान हैं जहाँ बिना किसी लाइसेंस के पेट्रोल-डीजल खुले में बेचा जा रहा है। सस्ता ईंधन देने के नाम पर लोग गाड़ियों की उम्र घटा रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि ये मिलावटी तेल कभी भी जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
खासकर गर्मियों में यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।


