🔥 जनजीवन पर मंडरा रहा विस्फोट का खतरा — रीवा-मऊगंज में खुलेआम प्लास्टिक बोतलों में डीजल-पेट्रोल की अवैध बिक्री, प्रशासन मौन!
🖋 विशेष , विंध्य वसुंधरा समाचार
रीवा और मऊगंज जिलों के राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर गांव-कस्बों तक खुलेआम चल रहा डीजल-पेट्रोल की प्लास्टिक बोतलों में अवैध बिक्री का कारोबार अब सीधे जनजीवन की सुरक्षा से खिलवाड़ बन गया है। यह न केवल अग्निशमन अधिनियम, मोटर अधिनियम और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नीति का घोर उल्लंघन है, बल्कि किसी भी समय सामूहिक जनहानि की विभीषिका को न्योता दे रहा है।
❗ खुलेआम खतरे: हर सड़क, हर गांव में मौत की दुकान
जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर आदेश जारी किए जाते हैं कि डीजल, पेट्रोल, गैस सिलेंडर जैसे ज्वलनशील पदार्थ बस्तियों के बीच खुले में न रखे जाएं, लेकिन हकीकत यह है कि सड़कों के किनारे प्लास्टिक की बोतलों और खुले गैलनों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। ठीक वहीं बगल में चाय-पान, तंबाकू-सिगरेट की दुकानें भी हैं, जहां लोग सिगरेट सुलगाते हैं और पास ही खुले में पेट्रोल डाला जाता है। यह स्थिति एक जीते-जागते बम के गोदाम से कम नहीं।
👶 स्कूल खुलते ही बच्चों की सुरक्षा खतरे में
स्कूल खुल चुके हैं और अब छोटे-छोटे बच्चे कुरकुरे, टॉफी लेने इन्हीं दुकानों तक पहुंचते हैं, जहां पेट्रोल की बदबू के बीच माचिस की जलती तीली हवा में तैरती है। ज़रा सी चूक, और अग्निकांड तय है। यह प्रशासन की घातक चुप्पी नहीं, बल्कि संवेदनहीन अपराध की श्रेणी में आता है।
🔥 कटरा कांड की आग बुझी नहीं, जिम्मेदारी अभी भी अधूरी
गढ़ थाना क्षेत्र के कटरा में कुछ वर्ष पहले हुए पेट्रोल और सिलेंडर विस्फोट में एक घर जलकर राख हुआ था, कई लोगों की जानें गई थीं। उस वक्त प्रशासन ने जांच बैठाई, सख्ती का आश्वासन दिया—लेकिन कुछ ही दिनों में फाइलें ठंडे बस्ते में चली गईं। आज वही घटनाएं फिर से आम हो रही हैं। यह लापरवाही नहीं, भविष्य की हत्या की भूमिका है।
📢 प्रशासन और विभागों की चुप्पी—किसके इशारे पर?
ऐसा अवैध व्यवसाय बिना किसी विभागीय संरक्षण के संभव नहीं। सवाल उठता है
क्या खाद्य एवं आपूर्ति विभाग निरीक्षण करता है?
पेट्रोल-डीजल वितरण केंद्रों से इन्हें खुले गैलनों में ईंधन कौन और कैसे बेच रहा है?
यदि आज कोई निर्दोष झुलसता है तो उसकी नैतिक जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। क्या केवल चुनाव के समय जिम्मेदार बनने वाले अधिकारी अब मृत मौनव्रत धारण कर चुके हैं?
🛑 अब नहीं चलेगा 'हादसे के बाद कार्रवाई' मॉडल — तत्काल छापेमारी और जब्ती हो
रीवा और मऊगंज के जिलाधीश एवं एसपी, खाद्य नियंत्रक एवं अग्निशमन अधिकारी से स्थानीय लोगों की मांग है।
✅ ऐसे सभी स्थानों पर 24 घंटे के भीतर छापेमारी की जाए
✅ पेट्रोल-डीजल की बोतलें व गैलन जब्त कर FIR दर्ज की जाए
✅ संबंधित लाइसेंस निलंबित कर दोषियों पर रासुका/Explosives Act में कार्रवाई हो
✅ बस्ती क्षेत्रों में ईंधन के गैर-कानूनी भंडारण पर स्थाई प्रतिबंध लागू किया जाए
📌 यदि आगामी 3 कार्य दिवसों में प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं होती, तो यह माना जाएगा कि इस अवैध व्यापार को सत्ता-संरक्षण प्राप्त है।
क्या प्रशासन फिर किसी लाश का इंतज़ार कर रहा है?
अब सवाल उठता है—क्या हमें फिर एक और "कटरा जैसा कांड" झेलना पड़ेगा? या प्रशासन अब आंखें खोलेगा?
वक्त है कार्यवाही का — कागज़ी आदेश नहीं, जमीनी असर चाहिए।



