ट्रांसफार्मर में उतरते करंट ने ली भैंस की जान — ग्रामीणों में आक्रोश, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्राम पंचायत अगडाल के रामायण पटेल की भैंस शनिवार 19 जुलाई 2025 की सुबह दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। बड़ी पुल अगडाल के पास स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर में सुरक्षा घेरा न होने और ट्रांसफार्मर के स्टे रॉड में करंट उतरने से यह हादसा हुआ। करंट की चपेट में आते ही भैंस ने तड़पते हुए मौके पर दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इसे विद्युत विभाग की घोर लापरवाही बताया है और तीव्र विरोध जताया है।
सुरक्षा नहीं, सिर्फ वसूली में व्यस्त विद्युत मंडल?
घटना विद्युत वितरण केंद्र कटरा के अधीन ग्राम पंचायत अगडाल की बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में ट्रांसफार्मर, बिजली पोल और जर्जर तारों की स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। अधिकांश जगहों पर न कोई चेतावनी बोर्ड है, न ही बैरिकेडिंग। बरसात के इस मौसम में ऐसी व्यवस्थाएं जानलेवा साबित हो रही हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग की प्राथमिकता केवल राजस्व वसूली तक सीमित रह गई है, जबकि जनसुरक्षा की जिम्मेदारी से वह पूरी तरह बेखबर है।
हादसा टल सकता था, अगर ट्रांसफार्मर के आसपास होता सुरक्षा घेरा
गांव के पास दाल बड़ी पुल के समीप लगे ट्रांसफार्मर से जुड़े स्टे रॉड में करंट उतरने की वजह से यह दुर्घटना हुई। भैंस जैसे ही वहां पहुंची, वह जोरदार झटके से कांपने लगी और कुछ ही क्षणों में उसकी मौत हो गई। यह वही रास्ता है जहाँ से आम लोग भी नियमित रूप से गुजरते हैं। गनीमत रही कि उस वक्त कोई मनुष्य वहां मौजूद नहीं था, वरना यह हादसा और गंभीर रूप ले सकता था।
रामायण पटेल के सामने रोज़ी-रोटी का संकट
जिस भैंस की मृत्यु हुई, वह रामायण पटेल के परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन थी। उनके परिवार का पालन-पोषण उसी पर निर्भर था। अब भैंस की मृत्यु से परिवार आर्थिक रूप से टूट गया है। रामायण पटेल ने जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाने और विद्युत विभाग पर कार्रवाई की मांग की है।
जिम्मेदारी तय हो, ताकि भविष्य में न हो ऐसा हादसा
गांव के लोगों ने कहा कि ट्रांसफार्मरों में खराब वायरिंग, झूलते तार और आसपास लगी अवैध कटियाएं पहले से ही दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रही हैं। इन खतरों के बावजूद विद्युत मंडल द्वारा सुरक्षा उपाय नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए ट्रांसफार्मरों के चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा बनाया जाए और तकनीकी निरीक्षण नियमित रूप से कराया जाए।


