नईगढ़ी में खुलेआम 'शराब माफिया राज'! सिस्टम मौन, जनता हलाकान
मऊगंज जिले के नईगढ़ी अंचल में शराब माफियाओं का दबदबा इस कदर बढ़ गया है कि अब यह क्षेत्र अवैध शराब की 'खुली मंडी' बन चुका है। नियम-कानून, लाइसेंस शर्तें और सरकारी दिशानिर्देश—सभी को ताक पर रखकर शराब की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है। हैरानी की बात यह है कि यह सबकुछ पुलिस और आबकारी विभाग की सीधी जानकारी में हो रहा है, लेकिन कार्रवाई नाम की कोई चीज नजर नहीं आ रही। इससे साफ है कि कहीं न कहीं 'सिस्टम' की चुप्पी भी इस गोरखधंधे की साझेदार है।
दुकानों से गांव-गांव सप्लाई, रेट से ऊपर वसूली
लाइसेंसी शराब दुकानों से भारी मात्रा में शराब कार्टून और बोरियों में भरकर गांव-गांव भेजी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकानों में न तो रेट लिस्ट लगी है, न ही शराब तय मूल्य पर मिल रही है। दुकानदार हर बोतल पर 10 से 20 रुपये अधिक वसूल रहे हैं। ग्राहकों की आपत्ति करने पर उन्हें धमकाया जाता है या गाली-गलौज की जाती है, लेकिन प्रशासन इस लूट पर चुप है।
हर शाम शराब दुकान के बाहर 'नशे का मेला'
नईगढ़ी बाजार की शराब दुकान हर शाम 'नशे के मेले' में तब्दील हो जाती है। सैकड़ों की भीड़, अव्यवस्थित वाहनों की कतार, सड़क पर जाम और कभी भी हो सकने वाली दुर्घटना—ये सब अब आम नजारा है। स्थानीय नागरिकों की मानें तो कई बार शिकायत के बावजूद न तो कोई व्यवस्था सुधरी और न ही किसी पर कार्रवाई हुई।
शराब माफिया और अफसरों की जुगलबंदी!
सूत्र बताते हैं कि यह पूरा खेल शराब ठेकेदारों और आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। जिन्हें यह अवैध धंधा रास नहीं आता और आवाज उठाते हैं, उन्हें झूठे केसों में फंसाने की धमकियां दी जाती हैं। यह स्थिति लोकतंत्र की नहीं, माफिया राज की परिचायक बन चुकी है।
प्रशासन का ‘रटे-रटाए’ जवाब
इस संवेदनशील मुद्दे पर मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कहा, "स्कैनर और रेट लिस्ट को लेकर निर्देश दिए जा चुके हैं। अगर कहीं गड़बड़ी मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी जारी है।"
वहीं रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत ने बताया, "अवैध शराब पर पहले भी कार्रवाई हुई है, आगे भी होगी। पिछले अभियान में 23 लाख की शराब जब्त की गई थी।"
अब सवाल यह है:
क्या कार्रवाई सिर्फ बयानों में ही सीमित रहेगी? या फिर सचमुच मऊगंज-नईगढ़ी में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कोई ठोस और दिखने लायक कदम उठाया जाएगा?
नईगढ़ी अंचल की स्थिति साफ संकेत देती है कि यदि जल्द कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो यह अवैध शराब व्यापार सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह खोखला कर देगा। अब जनता उम्मीद कर रही है कि ‘माफिया राज’ के खिलाफ कोई ईमानदार और असरदार ‘राजधर्म’ निभाया जाएगा

