तीन दशक से लोरी खुर्द में नशे का साम्राज्य: पुलिस की चुप्पी या हिस्सेदारी? अब जवाब दे प्रशासन!
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोरी खुर्द आज ‘नशे का अड्डा’ बन चुकी है। गांजा, प्लेन देशी शराब और अन्य नशीली सामग्री का यह कारोबार गांव में लगभग 30 वर्षों से खुलेआम चल रहा है। यह कोई गुप्त तस्करी नहीं बल्कि दिनदहाड़े, गांव की गलियों में, बच्चों की आंखों के सामने चलने वाला नशे का व्यापार है — जिसे देखने, जानने और जान-बूझकर अनदेखा करने वाले हैं – स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक तंत्र।
🔴 स्थानीय ग्रामीणों की चेतावनी: अब बर्दाश्त नहीं होगा
ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड क्रमांक-2 में निवासी छोटेलाल साकेत के घर से वर्षों से गांजा और शराब बेची जा रही है। उसकी महिलाएं, लड़के और यहां तक कि नाबालिग बच्चे भी इस कारोबार में शामिल हैं। यह अब सिर्फ ‘आर्थिक लाभ’ का मामला नहीं रह गया है — यह सामाजिक विनाश और अगली पीढ़ी को बर्बाद करने की साज़िश बन चुकी है।
⚠️ बच्चों का भविष्य दांव पर, स्कूल जाने वाले बच्चे गांजे की पुड़िया बाँटते पाए जा रहे हैं
गांव के कई बच्चों को स्कूल बैग में गांजे की पुड़िया और शराब की बोतलें पहुंचाते देखा गया है। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने वीडियो और तस्वीरें भी प्रशासन को सौंपी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह संदेह और गहराता है कि कहीं इस अवैध धंधे में प्रशासनिक संरक्षण तो नहीं है?
🛑 2 माह पूर्व हुई आबकारी छापामारी — दिखावटी कार्रवाई या लीपापोती?
करीब दो महीने पहले आबकारी विभाग ने गांव में छापा मारा था, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। सूत्रों के मुताबिक, मौके पर ही नकद लेन-देन कर पूरे मामले को दबा दिया गया। इससे यह साबित होता है कि कानून की पकड़ सिर्फ गरीब और कमजोर पर चलती है, संगठित नशा माफियाओं पर नहीं।
📌 प्रशासन की निष्क्रियता ही अब अपराध में बदल चुकी है
तीन दशक तक कार्रवाई न करना लापरवाही नहीं, जिम्मेदारों की भागीदारी का संकेत है। अब यह केवल सामाजिक समस्या नहीं, सांविधानिक उत्तरदायित्व की विफलता बन चुका है।
🟧 विंध्य वसुंधरा समाचार की संपादकीय अपील:
"यह रिपोर्ट ग्रामीणों, प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के गंभीर आरोपों के आधार पर प्रकाशित की गई है। 'विंध्य वसुंधरा समाचार' इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता, लेकिन इनकी गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष न्यायिक/प्रशासनिक जांच की मांग करता है।"
"यदि प्रशासन इस बार भी मौन रहा, तो इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि इस अवैध नशा साम्राज्य में भागीदारी माना जाएगा।"






