रीवा में 112 सेवा अटकी: थानों तक गाड़ियाँ नहीं पहुँचीं, बढ़ते अपराधों थामने का नाम नहीं ले रहे।
रीवा/मऊगंज विंध्य वसुंधरा समाचार
मध्यप्रदेश शासन द्वारा आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए शुरू की गई डायल 112 सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 17 अगस्त 2025 को रीवा जिला मुख्यालय में नई गाड़ियाँ पहुँचीं, लेकिन आज तक वे किसी भी थाने तक नहीं पहुँच पाई हैं। यह मामला अब जनचर्चा का विषय बन गया है।
सूत्रों के अनुसार, थानों में गाड़ियों की अनुपलब्धता के कारण सीमावर्ती इलाकों में नशे और अन्य आपराधिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। बरसात के मौसम में खेत-खलिहानों और गाँवों में छोटे-छोटे विवाद अक्सर बड़े रूप ले लेते हैं, ऐसे समय में तत्काल पुलिस सहायता न मिल पाने से हालात और बिगड़ जाते हैं।
जनता में उठ रहे सवाल
लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिरकार 112 की गाड़ियाँ थानों तक क्यों नहीं पहुँचाई जा रहीं? क्या यह प्रशासनिक विलंब है या फिर किसी आंतरिक कारण से तैनाती रोक दी गई है?
गाड़ियों की कमी, सुरक्षा पर संकट
जिले के जितने थाने हैं, उतनी गाड़ियों की अब तक उपलब्धता नहीं हो सकी है। इस कारण कई थाने ऐसे हैं जहाँ से सूचना मिलने पर भी तुरंत पुलिस वाहन मौके पर नहीं पहुँच पा रहे। इससे शासन की 112 सेवा का मूल उद्देश्य ही अधूरा रह गया है।
अधिकारियों का मौन
इस संबंध में जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट करने से परहेज किया। ऐसे में यह सवाल और गहराता जा रहा है कि आखिर गाड़ियाँ मुख्यालय में ही क्यों अटकी हुई हैं?
जन अपेक्षा
जनता की अपेक्षा है कि शासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत स्थिति स्पष्ट करें तथा यह सुनिश्चित करें कि डायल 112 गाड़ियाँ जल्द से जल्द थानों तक पहुँचें, ताकि अपराधों पर अंकुश लगे और जनता को त्वरित राहत मिल सके।

