अपराध समीक्षा बैठक: एसपी के सख्त निर्देशों के बीच थाना प्रभारियों की लापरवाही उजागर
जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने और पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को तेज़ करने के उद्देश्य से रीवा पुलिस कंट्रोल रूम में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने की। जिले के सभी थाना प्रभारी इस बैठक में उपस्थित रहे।
महिला सुरक्षा और संगीन अपराधों पर कड़ा रुख
बैठक में एसपी ने दो टूक कहा कि जिले में चोरी, लूट, गोलीकांड और महिला संबंधी अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में रात की गश्त अनिवार्य रूप से करने, पुराने अपराधों की लंबित विवेचना शीघ्र पूरी करने तथा महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लेकर त्वरित निपटारा किया जाए, ताकि आमजन का पुलिस पर भरोसा मज़बूत रहे।
अपराधियों पर कड़ी निगरानी व अवैध कारोबार पर शिकंजा
पुलिस अधीक्षक ने जेल से छूटकर आने वाले अपराधियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के आदेश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि अवैध परिवहन, नशीली कफ सिरप और शराब की अवैध बिक्री पर गांव से लेकर शहर तक सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि थाना क्षेत्र में अपराधियों को संरक्षण देने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा और लापरवाह थाना प्रभारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
ढिलाई बरतने पर फटकार
बैठक के दौरान कई थाना प्रभारियों को कार्रवाई में ढिलाई बरतने पर एसपी ने जमकर फटकार लगाई। एसपी ने कहा कि अपराध रोकथाम और अपराधियों पर नकेल कसना हर थाना प्रभारी की पहली जिम्मेदारी है। लापरवाही की स्थिति में कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई से भी पीछे नहीं हटा जाएगा।
बैठक की तस्वीरों से उजागर हुई हकीकत
बैठक की तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। तस्वीरों में स्पष्ट दिखाई देता है कि कुछ थाना प्रभारी मोबाइल पर व्यस्त रहे, कुछ नींद में झपकते नज़र आए और कुछ ने बैठक को महज़ औपचारिकता मानकर अनदेखा किया।
पुलिस की छवि पर प्रश्नचिह्न
यह दृश्य बताता है कि जिन अधिकारियों पर जिले की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी है, वे स्वयं समीक्षा बैठकों को गंभीरता से नहीं ले रहे। इससे न केवल पुलिस अधीक्षक के प्रयासों की गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगता है, बल्कि आम जनता के बीच यह संदेश भी जाता है कि पुलिस विभाग अपराध रोकथाम के प्रति कितनी गंभीर है।
जनता के मन में उठते सवाल
आख़िर जब थाना प्रभारियों की प्राथमिकता अपराध समीक्षा बैठक भी नहीं है, तो फिर उनसे जिले में अपराध पर नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद कैसे की जाए?

