ऑनलाइन गेमिंग को मिला कानूनी ढांचा संसद से पारित होने के एक दिन बाद राष्ट्रपति की मंजूरी, अब ‘ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025’ लागू
नई दिल्ली,
भारत में अब ऑनलाइन गेमिंग को लेकर स्पष्ट और कड़ा कानूनी ढांचा तैयार हो गया है। संसद से पारित होने के एक दिन बाद ही राष्ट्रपति ने ‘ऑनलाइन गेमिंग (प्रमोशन एवं रेग्युलेशन) अधिनियम 2025’ को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही यह बिल अब कानून बन चुका है और पूरे देश में लागू हो गया है।
📌 कानून की बड़ी बातें
1. ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध
👉 अब ऐसे सभी ऑनलाइन गेम जिनमें पैसे का लेन-देन होता है, जैसे पोकर, रम्मी और फैंटेसी स्पोर्ट्स, पूरी तरह प्रतिबंधित होंगे।
2. ई-स्पोर्ट्स को मान्यता
👉 भारत सरकार ने ई-स्पोर्ट्स (e-sports) को औपचारिक मान्यता दे दी है।
👉 इसके लिए एक ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो नियमन और नीतिगत सहयोग करेगी।
3. कड़े दंड का प्रावधान
👉 अवैध ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म चलाने वालों को 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
👉 किसी भी तरह का ऑनलाइन मनी गेम्स का विज्ञापन या प्रचार करने पर 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
4. विदेशी प्लेटफार्मों पर रोकथाम
👉 ऐसे सभी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म जो विदेशों से संचालित होते हैं और भारतीय उपभोक्ताओं को लक्षित करते हैं, उन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
5. युवा और समाज की सुरक्षा
👉 बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग के नशे और उसके दुष्प्रभावों से बचाने पर जोर रहेगा।
👉 यह कानून मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक संतुलन और आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
📌 सरकार का दृष्टिकोण
राजपत्र में प्रकाशित अधिनियम में कहा गया है कि ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल क्षेत्रों में से एक है। भारत चाहता है कि यह उद्योग केवल मनोरंजन और जुए का जरिया न बनकर
शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन का माध्यम बने।
वैश्विक स्तर पर भारत को गेमिंग इंडस्ट्री का हब बनाने में मदद करे।
📌 जनहित में असर
अब ऑनलाइन गेमिंग युवाओं के लिए सुरक्षित और रचनात्मक माध्यम बनेगा।
समाज में जुए और सट्टे जैसी प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा।
डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में भारत को मजबूती मिलेगी।
👉 कुल मिलाकर, यह अधिनियम भारत में ऑनलाइन गेमिंग को कानूनी मान्यता, पारदर्शिता और सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

