भगवत चिंतन से मिटते हैं पाप, मिलती है परम मुक्ति – स्वामी रमाशंकर दास महाराज
हिनौती स्थित शारदा देवी मंदिर प्रांगण में चल रहे 55वें संकल्प श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। चित्रकूट धाम से पधारे सनातन धर्म प्रचारक पंडित देवानंद शास्त्री जी महाराज ने अपने 108 पावन संकल्पों में से 55वें संकल्प का आयोजन यहां किया है।
1. अध्यात्म जीवन का प्रथम अध्याय
पंडित देवानंद शास्त्री जी ने कथा प्रवचन के दौरान कहा कि जीवन का पहला अध्याय अध्यात्म है। अध्यात्म से विमुख व्यक्ति न तो इस लोक में सुखी हो पाता है और न ही परलोक में। इसीलिए लोक-परलोक के मंगल के लिए अध्यात्म अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि परमात्मा सर्वसामर्थ्यवान होते हुए भी इच्छारहित हैं। किंतु भक्तों की भावनाओं की पूर्ति हेतु वे अनेकों अवतार धारण कर भक्तों के जीवन को संवारते रहते हैं।
2. कथा प्रसंगों का दिव्य वर्णन
कथा के दूसरे दिन श्रीधाम वृंदावन से पधारे स्वामी रमाशंकर दास महाराज के सानिध्य में माता कुंती के चरित्र का वर्णन किया गया। आचार्यों ने बताया कि किस प्रकार अश्वत्थामा द्वारा किए गए अपराध को माता कुंती ने क्षमा कर क्षमा-धर्म का अनुपम संदेश दिया।
3. “भगवत चिंतन से मिटते हैं पाप”
वेदव्यास पीठ पर विराजमान स्वामी रमाशंकर दास महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भागवत कथा के नित्य श्रवण से मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया—
जीवन में निरंतर भगवान का चिंतन आवश्यक है।
चिंतन हटते ही मन विषय-वासना में फँसकर पाप की ओर प्रवृत्त होता है।
महाराज परीक्षित के उदाहरण से उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षणिक मोह और पाप का परिणाम कितना गंभीर हो सकता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यथासंभव अधिक से अधिक भगवान का भजन करें, क्योंकि उसी में जीवन और आत्मा का कल्याण निहित है।
4. भक्तों का उत्साह और आयोजन समिति की भूमिका
कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का रसपान कर रहे हैं। आयोजन समिति ने मीडिया और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी को सौंपी है। ग्रामीणों और भक्तों का भी आयोजन को सफल बनाने में पूरा सहयोग मिल रहा है।
5. भंडारे के साथ होगा समापन
आयोजन समिति ने बताया कि संपूर्ण श्रीमद् भागवत ज्ञान महायज्ञ का विसर्जन 2 सितंबर 2025 को भव्य भंडारे के साथ किया जाएगा। इसमें क्षेत्र के सभी भक्तों, श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों को सादर आमंत्रित किया गया है।



