गढ़ थाना परिसर में सम्पन्न हुई शांति समिति की बैठक गणेश उत्सव और मिलादुन्नबी को लेकर सौहार्द और भाईचारे का संदेश, पुलिस-प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
विंध्य क्षेत्र में आने वाले गणेश उत्सव और मिलादुन्नबी पर्व को लेकर गढ़ थाना परिसर में शनिवार को एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी अवनीश पाण्डेय ने की। इसमें विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारियों, मुस्लिम समुदाय के गणमान्य नागरिकों तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया।
त्यौहारों के प्रति उत्साह और प्रशासनिक जिम्मेदारी
रीवा जिले सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में गणेश उत्सव का पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। ग्रामीण अंचल से लेकर शहरी इलाकों तक जगह-जगह गणेश प्रतिमाओं की स्थापना होती है और विशाल पंडाल सजाए जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय का पवित्र पर्व मिलादुन्नबी भी नजदीक है, जिसे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा से मनाया जाता है। दोनों पर्व लगभग एक ही समय पर होने से प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए गढ़ थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, ताकि पहले से ही समन्वय स्थापित किया जा सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
थाना प्रभारी की अपील: शांति और भाईचारा बनाए रखें
बैठक में संबोधित करते हुए थाना प्रभारी अवनीश पाण्डेय ने कहा कि पर्व समाज को जोड़ने का काम करते हैं, इसलिए इन्हें आपसी भाईचारे और सौहार्द के वातावरण में मनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा –
“त्योहार का असली मकसद खुशियां बांटना और एक-दूसरे के साथ सहयोग करना है। यदि किसी भी जगह विवाद या समस्या की आशंका हो तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि से दूर रहें। पुलिस प्रशासन हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार है।”
थाना प्रभारी ने आयोजकों से भी अनुरोध किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाले आयोजनों की पूरी जानकारी पुलिस को दें, ताकि सुरक्षा व्यवस्था समय पर सुनिश्चित की जा सके।
गणेश उत्सव समिति के प्रतिनिधियों की भागीदारी
बैठक में गणेश उत्सव समिति की ओर से प्रांजुल गुप्ता, शिवम गुप्ता, रवि गुप्ता और रवि पटेल गौरभ पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गणेश उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति नहीं होने दी जाएगी। समिति के सदस्यों ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं की स्थापना और विसर्जन की प्रक्रिया में पूरा ध्यान रखा जाएगा कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्रशासन का सहयोग लिया जाए।
मुस्लिम समाज का रुख: मिलजुलकर मनाएं पर्व
मुस्लिम समाज की ओर से आसिफ खान, राजू खान सहित अन्य लोग बैठक में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मिलादुन्नबी का पर्व पूरी आस्था और शांति से मनाया जाएगा। समाज की ओर से आश्वासन दिया गया कि धार्मिक जुलूस या अन्य कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार का विवाद न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
आसिफ खान ने कहा –
“हमारा दायित्व है कि हम अपने पर्व को शांति से मनाएं और समाज के बाकी लोगों को भी साथ लेकर चलें। यह समय आपसी एकता दिखाने का है।”
पुलिस बल की तैयारियां और जिम्मेदारी
बैठक में पुलिस विभाग की ओर से हनुमान दिन वर्मा, सुखेंद्र सिंह, आरक्षक अभिषेक पाण्डेय, समर पटेल, रवि तिवारी और बलराम यादव मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान पुलिस बल अतिरिक्त सतर्क रहेगा। भीड़-भाड़ वाले स्थानों, मुख्य चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी।
साथ ही, थाना स्तर पर विशेष पेट्रोलिंग और रात्री गश्त की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि असामाजिक तत्व किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न फैला सकें।
शांति समिति बैठकों का महत्व
इस प्रकार की बैठकें केवल औपचारिकता नहीं होतीं, बल्कि इनके जरिए समाज के विभिन्न वर्गों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है। अक्सर देखा गया है कि त्योहारों के समय छोटी-छोटी बातों से विवाद की स्थिति बन जाती है, लेकिन यदि पहले से ही पारदर्शी संवाद कायम कर लिया जाए तो संभावित विवाद टाले जा सकते हैं।
गढ़ थाना की यह बैठक इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इसमें दोनों समुदायों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि पर्व चाहे किसी भी धर्म का हो, समाज को जोड़ने का काम करते हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा
बैठक में कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में होने वाली शांति समिति की बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत स्तर के पदाधिकारियों और वार्ड सदस्यों को भी आमंत्रित किया जाए। क्योंकि कई बार गांवों और कस्बों में छोटे-छोटे विवाद वहीं से शुरू होते हैं। यदि जनप्रतिनिधि भी प्रशासन के साथ खड़े हों, तो आम जनता का भरोसा और भी मजबूत होता है।
त्योहारों की सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता
गणेश उत्सव महज एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और सामाजिक गतिविधियां होती हैं। वहीं, मिलादुन्नबी पैगम्बर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो करुणा, भाईचारे और सेवा का संदेश देता है।
दोनों पर्वों के संदेश को देखते हुए यह स्पष्ट होता है कि यदि समाज एकजुट होकर इन्हें मनाए तो इनका प्रभाव केवल धार्मिक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करेगा।
सभी पक्षों ने दिया सहयोग का आश्वासन
बैठक के अंत में सभी उपस्थित प्रतिनिधियों ने यह भरोसा दिलाया कि वे त्योहारों के दौरान पूर्ण शांति और सौहार्द बनाए रखेंगे। यदि कहीं कोई समस्या उत्पन्न होती है तो तुरंत प्रशासन से संपर्क किया जाएगा।
थाना प्रभारी अवनीश पाण्डेय ने भी आश्वस्त किया कि प्रशासन हर समय सतर्क है और त्योहारों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।





