गढ़-लोरी सहकारी समिति प्रबंधक ने लगाए गए आरोपों को बताया निराधार
600 बोरी खाद आने की पुष्टि, पारदर्शी प्रक्रिया से हो रहा किसानों को वितरण
रीवा। जिले में खाद संकट और कालाबाजारी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच गढ़-लोरी सहकारी समिति प्रबंधक अखंड मिश्रा ने सफाई देते हुए कहा है कि समिति में वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार हो रही है। उन्होंने कालाबाजारी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि समिति को इस बार मात्र 600 बोरी ( 27 टन) खाद प्राप्त हुई है, जिसे क्रमवार किसानों में बांटा जा रहा है।
प्रबंधक मिश्रा ने बताया कि खाद केवल उन्हीं किसानों को दी जा रही है जिनकी समिति में पंजीयन और परमिट बना हुआ है। वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए किसानों से फिंगरप्रिंट लेकर खाद दी जा रही है और इसकी पूरी रिकॉर्डिंग समिति के पास सुरक्षित रखी जा रही है।
उन्होंने इस बात को भी स्पष्ट किया कि 1000 बोरी खाद आने की खबर पूरी तरह गलत है। वास्तव में समिति को केवल 600 बोरी खाद ही आवंटित हुई थी। आरोपों के विपरीत खाद का निरंतर वितरण हो रहा है और अब तक कई किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
मिश्रा ने कहा कि समिति के पास इस बात का पूरा ब्यौरा उपलब्ध है कि किस किसान को कितनी खाद दी गई है। किसी भी किसान को वंचित नहीं किया जाएगा और जब भी अगला आवंटन आएगा, शेष किसानों को भी उसी प्रक्रिया से खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने किसानों से कहा कि सीधे समिति से संपर्क कर अपनी समस्या दर्ज कराएं। समिति प्रशासन हर किसान को तय नियमों के तहत खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

