रीवा संभाग में बड़ी कार्रवाई : सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद तहसीलदार निलंबित
रीवा। रीवा संभाग में प्रशासनिक सख़्ती का बड़ा उदाहरण सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने तहसील प्रशासन की साख पर सवाल खड़े कर दिए थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संभागायुक्त रीवा ने प्रभारी मऊगंज तहसीलदार हरीकृष्ण पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
📌 मामला कैसे सामने आया?
27 सितंबर 2025 को कलेक्टर मऊगंज द्वारा एक प्रतिवेदन संभागायुक्त रीवा को भेजा गया। इस रिपोर्ट में तहसीलदार हरीकृष्ण पटेल पर गंभीर आरोप लगाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, पटेल के आचरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जो सरकारी सेवक के आचरण नियमों के खिलाफ था और इससे शासन की छवि धूमिल हो रही थी।
📌 कौन से नियमों का उल्लंघन?
तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन किया।
इन नियमों के तहत—
किसी भी शासकीय सेवक से अपेक्षा की जाती है कि वह ईमानदारी, निष्ठा और मर्यादा का पालन करे।
अनुशासनहीनता, अनुचित आचरण या सार्वजनिक जीवन में शासन की साख को ठेस पहुँचाने वाले कृत्य पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
संभागायुक्त ने आदेश में स्पष्ट किया कि पटेल का व्यवहार इन नियमों के विपरीत पाया गया और कर्तव्यों की उपेक्षा का मामला सिद्ध हुआ।
📌 आदेश में क्या कहा गया?
संभागायुक्त बी एस जामोद द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है कि तहसीलदार हरीकृष्ण पटेल का मुख्यालय निलंबन अवधि में कलेक्टर कार्यालय मऊगंज नियत किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, अन्य किसी प्रकार का वेतन या भत्ता नहीं दिया जाएगा।
📌 किन्हें भेजा गया आदेश?
यह आदेश प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग, भोपाल तथा प्रमुख राजस्व आयुक्त, ग्वालियर को भेजा गया है। इसके साथ ही कलेक्टर रीवा, कलेक्टर मऊगंज तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे आदेश की प्रति 7 दिवस के भीतर उपलब्ध कराएँ और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
📌 प्रशासनिक हलकों में चर्चा
इस कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। तहसील स्तर के अधिकारी पर इस तरह की कार्रवाई को शासन की सख़्त नीति के तौर पर देखा जा रहा है। यह भी माना जा रहा है कि भविष्य में किसी भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी को अनुशासनहीनता और अनुचित आचरण से पहले दस बार सोचना होगा।

