भ्रष्टाचार की शिकायत से बौखलाए नपा उपाध्यक्ष और पार्षदों ने पत्रकारों को धमकाया मामला पहुंचा थाने।
रीवा जिले के मनगवां नगर परिषद में हुए भ्रष्टाचार की कहानी अब किसी से छिपी नहीं है मनगवां क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार महेन्द्र तिवारी द्वारा बीते वर्षों से नगर परिषद मनगवां में हुए सुनियोजित भ्रष्टाचार की परत खोल रहे हैं, तो वहीं सत्ताधारी दल से ताल्लुकात रखने वाले नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों और भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार को छिपाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है यहां तक की कमिश्नर और कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में दोषी पाए जाने के बाद जिला प्रशासन द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं किया जाना इस ओर इशारा करता है कि भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों की राजनीतिक रसूख काफी मजबूत है जबकि मनगवां नगर परिषद में हुए भ्रष्टाचार की गूंज उच्च न्यायालय जबलपुर और मध्य प्रदेश के विधानसभा तक पहुंच चुकी है हाई कोर्ट के ही निर्देश पर जिला प्रशासन रीवा द्वारा सुनवाई की जा रही है जिसमें 2 सितंबर को आरोपित लोगों को साक्ष्य के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचना था लेकिन कलेक्टर के अवकाश में होने के चलते तारीख बढ़ा दी गई है।
नगर परिषद उपाध्यक्ष और अन्य ने की अभद्रता।
शिकायतकर्ता महेंद्र तिवारी एवं डॉ विष्णु देव कुशवाहा द्वारा सिविल लाइन थाना रीवा में दिए गए आवेदन के अनुसार कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला शहरी अभिकरण रीवा में नगर परिषद मनगवा उपाध्यक्ष प्रमोद तिवारी (बबलू उर्मलिया) साथियों सहित गाली गलौज वा जान से मारने की धमकी दिए हैं पीड़ित शिकायतकर्ताओं द्वारा आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है महेंद्र तिवारी द्वारा बताया गया कि नगर परिषद मनगवां के भ्रष्टाचार के संबंध में जांच के बाद कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण चल रहा है जिसकी नियत पेशी 02,09,2025 को थी समय 3.30 के लगभग शिकायत कर्ता एवम याचिका कर्ता महेंद्र तिवारी पत्रकार नवस्वदेश मनगवां एवम डॉक्टर विष्णु देव कुशवाहा उप संपादक
दैनिक रघुवंशम समाचार निवासी मनगवां पेशी में आये हुए थे भ्रष्टाचार से संबंधित आरोपी पार्षदगण शिकायतकर्ताओं को देखकर आक्रोशित हो गए और उनका पीछा करते हुए शहरी विकास अभिकरण कार्यालय में पहुंचकर भद्दी भद्दी गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी है।
समझौता के लिए बनाया जा रहा दबाव।
शिकायतकर्ता महेंद्र तिवारी और डॉ विष्णु देव कुशवाहा का आरोप है कि हम लोगों द्वारा नगर परिषद मनगवां में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत की गई है इसलिए आरोपी प्रमोद तिवारी (उर्मलिया) विनोद नामदेव राजेंद्र जोगी कपूरचंद्र अवधिया एवम अन्य लोगों द्वारा गाली-गलौच और धमकी देते हुए कहा गया कि तुम्हारी भलाई इसी में है कि कलेक्टर न्यायालय में लंबित भ्रष्टाचार के मामले में समझौता कर लो अगर नही किया तो हत्या कर दूंगा शिकायतकर्ता ने बताया कि घटना के दौरान विभा वर्मा कंप्यूटर आपरेटर सेवा निवृत के. के. सिंह एवम कार्यालय के अन्य लोगों ने आकर बीच बचाव किया नहीं तो स्थिति मारपीट किए जाने तक पहुंच जाती
यह है पूरा मामला।
रीवा। जिले के बहुचर्चित नगर परिषद मनगवां महा घोटाले का मामला उच्च न्यायालय जबलपुर और मध्य प्रदेश की विधानसभा तक पहुंच चुका है इस महा घोटाले को लेकर कार्यवाही करने के लिए जिला प्रशासन पर अब दबाव बढ़ता जा रहा है समाजसेवी पत्रकार महेंद्र तिवारी द्वारा बताया गया कि भ्रष्टाचार के मामले में मनगवां नगर परिषद के आरोपित वर्तमान 6 पार्षद एवं दो पूर्व पार्षदों में अध्यक्ष बुटला बंसल ,वार्ड क्रमांक 5 पार्षद मोहम्मद मोबीन खान ,वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद श्रीमती वंदना तिवारी, वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद श्रीमती निशाबंसल, वार्ड क्रमांक 9 के पार्षद कपूर चंद्र अवधिया,वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद राजेंद्र जोगी, वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद सुशील गुप्ता एवं पूर्व पार्षद वार्ड क्रमांक 6 विनोद नामदेव एवं पूर्व पार्षद वार्ड क्रमांक 8 छेदीलाल साकेत के खिलाफ दोहरा लाभ लेने एवं अपने सगे संबंधियों की मनचाही नियुक्ति करवाने सहित अन्य मामलों का दोषी पाया गया था।

