बुआ ने प्रेमी संग रची साजिश, नाबालिग का अपहरण कर कराया दुष्कर्म चोरहटा थाना पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
रीवा। शहर के चोरहटा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरे कांड में पीड़िता की सगी बुआ की संलिप्तता ने सभी को चौंका दिया है। पुलिस ने मात्र कुछ दिनों की मेहनत से इस गुत्थी को सुलझाते हुए राजस्थान से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक और महिला आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
गुमशुदगी रिपोर्ट से लेकर बरामदगी तक
सीएसपी ऋतु उपाध्याय ने बताया कि नाबालिग लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट चोरहटा थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने साइबर सेल की मदद से लड़की की लोकेशन ट्रेस की, जो झुंझुनू (राजस्थान) में मिली। पुलिस टीम तुरंत वहां रवाना हुई और नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया।
बुआ ने प्रेमी के साथ मिलकर की वारदात की साजिश
बरामदगी के बाद नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसकी सगी बुआ उसे अपने प्रेमी दावत अली (21) के साथ राजस्थान ले गई थी। रास्ते में दीपक कुमार (22) और अंशु कुमार (19) नाम के युवक भी उनके साथ शामिल हो गए। झुंझुनू पहुंचने के बाद आरोपी अंशु ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने दावत अली, दीपक कुमार, अंशु कुमार और पीड़िता की बुआ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार एक और रिश्तेदार बुआ भी साथ गई थी, जो बीच रास्ते में उतर गई और फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में दबिश जारी है।
सोशल मीडिया से बनी पहचान, वहीं से बुनी गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दावत अली की पहचान पीड़िता की बुआ से सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बातचीत के दौरान आरोपी ने अपने दोस्तों के लिए भी किसी लड़की की तलाश की बात कही। इसी सिलसिले में पीड़िता की बुआ ने नाबालिग को गुमराह कर अपने साथ जाने के लिए तैयार कर लिया।
मानव तस्करी के एंगल से भी जांच शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मानव दुर्व्यापार (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के एंगल से भी जांच शुरू की है। दरअसल हाल के दिनों में जिले में नाबालिगों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में ले जाने और वहां शोषण करने के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे में पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस घटना के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
पुलिस की बड़ी चुनौती
यह मामला न केवल पारिवारिक विश्वासघात का है, बल्कि जिले में बढ़ते साइबर माध्यम से जुड़े अपराधों की गंभीर तस्वीर भी सामने लाता है। सोशल मीडिया के जरिए बने रिश्ते किस तरह अपराध का कारण बन सकते हैं, यह घटना उसकी ज्वलंत मिसाल है।

