सेदहा पंचायत में वर्षों से लंबित मांग पूरी, भमरिया से सेदहा तक कच्ची सड़क बनी
ग्रामीणों की पहल और सामूहिक सहयोग से संभव हुआ कार्य
रीवा (मप्र)। स्वतंत्रता के बाद से अब तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे सेदहा ग्रामवासियों के लिए आखिरकार एक बड़ी खुशखबरी आई है। भमरिया से सेदहा तक कच्ची सड़क का निर्माण स्थानीय नागरिकों की पहल और सामूहिक सहयोग से संभव हुआ है। यह मार्ग लंबे समय से ग्रामवासियों की जीवनरेखा बनने की प्रतीक्षा कर रहा था, क्योंकि पंचायत होते हुए भी सेदहा गांव सड़क सुविधा से वंचित था।
ग्रामीणों ने मिलकर निकाला समाधान
इस कार्य में ग्राम के अनेक गणमान्य नागरिकों और परिवारों ने मिलकर प्रयास किया। इसमें विवेक सिंह परिहार, बृजराज सिंह परिहार, राजमणि सिंह परिहार, दानी सिंह परिहार, दिलराज सिंह परिहार, वर्तमान सरपंच पूनम सिंह एवं उनके पति पुष्पराज सिंह, दशरथ सिंह परिहार के परिजन व पुत्रगण मिंटू सिंह, शत्रुघ्न सिंह, अरुण सिंह परिहार, राजबली सिंह परिहार, संजू सिंह परिहार, पंजाब सिंह परिहार (ठाकुर पी.एस. परिहार) सहित अन्य ग्रामीणों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
हालांकि निर्माण के दौरान सामान्य विवाद और खींचतान भी हुई, लेकिन अंततः सभी ग्रामीण इस बात पर सहमत हुए कि गांव के विकास के लिए यह सड़क अत्यंत आवश्यक है। नतीजतन कार्य पूर्ण हुआ और ग्रामवासियों ने संतोष एवं हर्ष व्यक्त किया।
निजी जमीन का भी योगदान
सड़क निर्माण में कुछ भूमि स्वामियों की निजी जमीन भी उपयोग में आ गई। ग्रामीणों ने इसे विकास का हिस्सा मानकर स्वीकार किया। उनका कहना है कि जब गांव में सार्वजनिक हित के लिए सड़क बनती है तो थोड़ी बहुत जमीन का दबना स्वाभाविक है और इसे लेकर किसी को शिकायत नहीं होनी चाहिए।
वर्षों से अटकी थी मांग
ग्रामीण बताते हैं कि पूर्व के पंचायत कार्यकाल में कुछ असामाजिक तत्व लगातार इस सड़क निर्माण का विरोध करते रहे। उनका उद्देश्य ग्रामवासियों को आपस में लड़ाना और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना था। आरोप है कि इन तत्वों ने पंचायत पर दबाव बनाकर वर्षों तक विकास कार्यों को रोके रखा और खुद के हित साधे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐसे लोगों ने पंचायत की आड़ में भारी संपत्ति अर्जित की, अपने परिजनों के नाम से मटेरियल सप्लायर फर्म बनाकर करोड़ों रुपये कमाए, जबकि वास्तविकता यह है कि उनका खुद का काश्तकार का आधार भी नहीं था। ग्रामीण अब सवाल उठा रहे हैं कि यह संपत्ति आखिर कहां से आई और कैसे अर्जित की गई?
अब विकास की राह पर सेदहा
गांव के जागरूक नागरिकों का कहना है कि अब समय आ गया है कि पंचायत में पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी जाए। सड़क निर्माण इसका पहला कदम है। ग्रामीणों ने भरोसा जताया है कि इसी तरह भविष्य में बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं को लेकर भी सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।
सड़क निर्माण को लेकर गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद अब सेदहा पंचायत भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ रही है।
