🚨 मनगवां पुलिस ने परियोजना अधिकारी के साथ हुई लूट का किया सनसनीखेज खुलासा — चार आरोपी गिरफ्तार, देशी हथियार, कारतूस और लूटा गया सामान बरामद
रीवा। रीवा जिले की मनगवां पुलिस ने तीव्र कार्रवाई करते हुए उस लूटकांड का पर्दाफाश कर दिया है, जिसने प्रशासन और आम जनता दोनों को हिलाकर रख दिया था। यह लूट जिले के परियोजना अधिकारी दीपक मिश्रा के साथ घटी थी, जब वह सरकारी कार्य से यात्रा कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिलों के चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल, नकदी, देशी हथियार, जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की गई है।
🧾 घटना का पृष्ठभूमि विवरण:
दिनांक 12 अक्टूबर 2025 को परियोजना अधिकारी दीपक मिश्रा पिता रामहर्ष मिश्रा (उम्र 46 वर्ष) निवासी मनगवां, जिला रीवा ने थाना मनगवां में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह दिनांक 11 अक्टूबर 2025 को विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त कर जबलपुर से त्योंथर अपनी कार (क्रमांक MP18ZB6634) से लौट रहे थे।
रात करीब 10:30 बजे, जब वह एनएच-30 पर ग्राम समान, नगर के पास पहुँचे, तभी एक लाल रंग की ब्रेजा कार में सवार चार अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी कार को रोक लिया। अंधेरी रात में आरोपियों ने हथियारों के बल पर परियोजना अधिकारी को डराया-धमकाया और उनके पास से मोबाइल फोन, नकद राशि, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी कार सहित फरार हो गए।
इस घटना की सूचना मिलते ही रीवा पुलिस के उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह चौहान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (देहात) शिव कुमार वर्मा और एसडीओपी मनगवां श्रीमती रश्मि शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी निर्मल बहादुर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
🔍 पुलिस की कार्यवाही और जांच प्रक्रिया:
टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की।
लगातार 72 घंटे के भीतर पुलिस ने मामले का सुराग लगाते हुए उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिलों में दबिश दी और चारों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
👮♂️ गिरफ्तार आरोपी:
1. नेजार अहमद पिता मुस्ताक अहमद उम्र 21 वर्ष, थाना कोतवाली, जिला प्रतापगढ़ (उ.प्र.)
2. फैजान पिता अनीस उम्र 20 वर्ष, थाना किरतिपुर, जिला प्रयागराज (उ.प्र.)
3. गुलजार उर्फ रियाजन खान पिता जमीलुद्दीन खान उम्र 20 वर्ष, थाना लीलापुर, जिला प्रतापगढ़ (उ.प्र.)
4. दिलशाद अली पिता स्व. जोहर अली उम्र 28 वर्ष, थाना लीलापुर, जिला प्रतापगढ़ (उ.प्र.)
चारों आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और कई छोटे-मोटे अपराधों में पहले भी संलिप्त रह चुके हैं। इनसे लूटा गया सामान, वारदात में उपयोग की गई गाड़ी और हथियार बरामद कर लिए गए हैं।
💼 बरामद सामान और जब्ती विवरण:
पुलिस ने आरोपियों से निम्न वस्तुएं बरामद कीं—
01 नग देशी पिस्टल
02 नग देशी कट्टे
16 नग जिन्दा कारतूस (9 नग .32 एमएम एवं 7 नग 315 बोर)
02 नग सैमसंग कंपनी के मोबाइल
01 नग माइक्रोमैक्स मोबाइल
नकद ₹14,000 रुपए
परियोजना अधिकारी की एस-क्रॉस कार की चाबी
घटना में प्रयुक्त लाल रंग की ब्रेजा कार (क्रमांक GJ-05-RB-0107)
सभी बरामदगी पुलिस टीम की कुशलता और सक्रियता का नतीजा है।
🏅 मुख्य भूमिका निभाने वाले अधिकारी एवं स्टाफ:
इस सफलता में प्रमुख भूमिका रही —
निरीक्षक गजेन्द्र सिंह धाकरे
उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह
सहायक उप निरीक्षक धीरज सिंह
प्रधान आरक्षक जय सिंह (क्रमांक 984)
प्रधान आरक्षक बलराम सिंह (क्रमांक 559)
आरक्षक आशीष सिंह (713)
आरक्षक रायसाहब सिंह (451)
आरक्षक ब्रजकिशोर (592)
आरक्षक अजय सिंह (994)
इन सभी की तत्परता, निष्ठा और टीमवर्क के परिणामस्वरूप यह लूटकांड मात्र कुछ ही दिनों में सुलझा लिया गया।
🗣️ पुलिस अधीक्षक ने क्या कहा :
पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह चौहान ने बताया कि,
> “यह मामला जिले की प्राथमिकता में था। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अत्यंत पेशेवर तरीके से आरोपियों तक पहुँच बनाई। सभी चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनके और कौन से साथियों का इस गैंग में हाथ था।”


