📰 अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई — नकली दवा मामले में दुकान सील
रीवा। रीवा शहर में स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार दोपहर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर दुकान को सील कर दिया। यह कार्रवाई उस वायरल वीडियो के बाद की गई, जिसमें मेडिकल स्टोर संचालक ने दावा किया था कि “रीवा के कुछ डॉक्टर नकली दवाएँ लिखते हैं और ₹50 की दवा को ₹300 में मरीजों को बेचा जाता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इस वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे अस्पताल चौराहा स्थित अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा और दवाओं के नमूने लिए। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध दवाएँ मिलने पर दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश में नकली दवाओं का नेटवर्क लगातार सक्रिय है, जिससे मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। हाल ही में छिंदवाड़ा में नकली दवा से बच्चों की मौत के बाद प्रदेशभर में सियासत गरमा गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे मामलों पर सख्त रुख अपनाने की बात कही थी, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई है।
वहीं, अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर के संचालक ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को एक साजिश करार दिया है। संचालक का कहना है कि—
“कुछ दिन पहले कुछ यूट्यूब पत्रकार दुकान पर आए थे। उन्होंने शहर में नकली दवा कारोबार पर बयान मांगा, तो मैंने कहा कि कई बार डॉक्टर महंगी और कमीशन वाली दवाएँ लिखते हैं। वीडियो बनने के बाद उन पत्रकारों ने ₹50 हजार की मांग की। जब हमने देने से इनकार किया, तो उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पास शिकायत की, जिसके बाद यह छापा डाला गया।”
संचालक ने आगे आरोप लगाया कि जिन मेडिकल स्टोर या नर्सिंग होम से स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों को लाभ नहीं मिलता, उन्हीं पर कार्रवाई की जाती है। उनका कहना है कि यदि विभाग निष्पक्ष जांच करे तो शहर के कई बड़े नर्सिंग होम और मेडिकल स्टोर में भी अनियमितताएँ उजागर होंगी
शहरवासियों का कहना है कि रीवा में बीते कुछ वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं और दवा कारोबार में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी खुलेआम चल रही है। डॉक्टरों और मेडिकल संचालकों की मिलीभगत से मरीजों से लाखों रुपये तक वसूले जाते हैं।
जनता की मांग:
स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि रीवा सहित पूरे संभाग में नकली दवा कारोबार की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, जो भी अधिकारी, डॉक्टर या मेडिकल संचालक इसमें लिप्त पाए जाएँ, उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

