📰 एनटीपीसी विंध्यनगर में भावनात्मक विदाई समारोह — 60 वर्षों की निष्ठा, समर्पण और इंसानियत की मिसाल बने अभियंता के.पी. मिश्रा
रीवा। नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) विंध्यनगर के इतिहास में शनिवार का दिन भावनाओं से भरा रहा। संस्थान के वरिष्ठ अभियंता के.पी. मिश्रा ने अपने 60 वर्षों के उत्कृष्ट सेवाकाल के उपरांत सेवानिवृत्ति ग्रहण की। इस अवसर पर एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से एक भव्य एवं भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें महाप्रबंधक, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन और सैकड़ों सहकर्मी उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत पुष्पमाल्य अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद महाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने मिश्रा के दीर्घ सेवाकाल में उनके योगदान और समर्पण को याद करते हुए उन्हें संगठन की “जीवित प्रेरणा” बताया।
महाप्रबंधक ने अपने संबोधन में कहा,
“कर्मचारी संस्था की आत्मा होते हैं। जिस तरह एक पिता या बेटी की विदाई घर में भावनाओं से भरी होती है, ठीक उसी तरह आज मिश्रा को विदा करते हुए हम सभी भावुक हैं। उन्होंने न केवल अपने कार्य से, बल्कि अपने व्यवहार, नेतृत्व और इंसानियत से एनटीपीसी की संस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनका नाम सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा।”
इसके पश्चात मंच पर उपस्थित सहयोगियों ने एक-एक कर मिश्रा के साथ अपने अनुभव साझा किए। कई अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने अपनी सादगी, अनुशासन और ईमानदारी से युवा अभियंताओं के लिए एक मिसाल कायम की है।
जब के.पी. मिश्रा मंच पर आए तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भावनाओं से भरे स्वर में उन्होंने कहा —
“एनटीपीसी सिर्फ मेरा कार्यस्थल नहीं, बल्कि मेरा दूसरा परिवार रहा है। 39 वर्षों की सेवा के दौरान मैंने यहां के हर सहयोगी से कुछ न कुछ सीखा। कठिन समय में विभाग और मेरे साथियों ने जो साथ दिया, वह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। मैंने सीखा कि इंसानियत ही सबसे बड़ी संपत्ति है। मेरी धर्मपत्नी और परिवार ने हर संघर्ष में मेरा साथ दिया, त्याग और तपस्या से मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आज मैं सेवानिवृत्त जरूर हो रहा हूँ, परंतु एनटीपीसी और इसके लोग सदा मेरे दिल में रहेंगे।”
उनके वक्तव्य के दौरान कई सहकर्मियों की आंखें नम हो गईं। समारोह में मिश्रा को शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह, पुष्पमाल्य एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।


