📰 भारी वर्षा से बर्बाद हुई धान की फसलें — कृषि विभाग की टीम ने गांव-गांव जाकर किया विस्तृत सर्वेक्षण, किसानों की आंखों में छलका दर्द
रीवा जिले में लगातार हो रही अति वृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत को पूरी तरह तबाह कर दिया है। खेतों में तैयार खड़ी फसलें जहां गिरकर सड़ने लगी हैं, वहीं कटी हुई धान की फसलें भीगने से दानों में अंकुरण शुरू हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आज कृषि विभाग की टीम ने ग्राम पुरवा 310 एवं वर्रोहा का दौरा कर धान की फसलों का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण दल में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री शिवशरण सरल, सर्वेयर श्री जगनमोहन पटेल तथा श्री प्रदीप उपाध्याय शामिल रहे। उन्होंने मौके पर जाकर किसानों की खेतों की वास्तविक स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान कृषक हिन्द लाल, विनोद कुमार, इन्द्रकली पटेल, राम जियावन, अयोध्या प्रसाद एवं रमेश उपाध्याय के खेतों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण में पाया गया कि बीते दिनों हुई लगातार बारिश और जलभराव के कारण धान की फसलें गिरकर खराब हो चुकी हैं। कटाई के बाद खेतों में रखी धान की बालियों में पानी भर जाने से धान के दानों में अंकुरण (जर्मिनेशन) शुरू हो गया है। कई खेतों में पानी का भराव इतना अधिक है कि फसलें सड़ने लगी हैं। किसानों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने इस वर्ष खेती में काफी मेहनत और लागत लगाई थी, लेकिन मौसम ने उनकी पूरी उम्मीदों को तोड़ दिया है।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी शिवशरण सरल ने बताया कि निरीक्षण में खेतों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक पाई गई है। भारी वर्षा से किसानों को गंभीर आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा इस नुकसान का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है, जिसे उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा एवं राहत राशि दिलाई जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे समय में प्रशासन और कृषि विभाग किसानों के साथ है और उनके नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
गांव के किसानों ने सरकार से आग्रह किया है कि तत्काल सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जाए तथा किसानों को राहत राशि जल्द से जल्द प्रदान की जाए, ताकि वे अगली रबी फसल की बुआई की तैयारी कर सकें।


