रीवा के पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा गढ़ थाने का औचक निरीक्षण, अपराध समीक्षा से लेकर थाने की भूमि तक किया विस्तृत परीक्षण
रीवा जिले के पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान ने शनिवार शाम गढ़ थाना क्षेत्र का बिना किसी पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का समय शाम 5:00 बजे से 7:30 बजे तक रहा, जिसमें उन्होंने थाना परिसर, स्टाफ, लंबित प्रकरणों और थाने की आवंटित भूमि की स्थिति का विस्तार से मूल्यांकन किया।
अपराध और लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा
निरीक्षण के दौरान एसपी चौहान ने—
थाने में दर्ज लंबित अपराधों,
उनकी जांच प्रगति,
तथा अपराध नियंत्रण की तैयारी की गहन समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि दिसंबर माह से पहले अधिक से अधिक पेंडिंग मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
थाने की भूमि एवं जर्जर क्वार्टर्स का निरीक्षण
पुलिस अधीक्षक ने गढ़ थाने की आवंटित भूमि, सीमांकन और उसके संरक्षण की स्थिति का निरीक्षण किया।
साथ ही उन्होंने जर्जर पुलिस क्वार्टर्स में रह रहे पुलिस स्टाफ की स्थितियों को देखा और उसके सुधार के संबंध में बिंदुओं को चिन्हित किया।
एसपी चौहान ने कहा—
“विभागीय स्तर पर तथा जिला कलेक्टर के माध्यम से थानों की भूमि को संरक्षित करने और सुधार कार्यों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की जाएगी।”
भूमि संरक्षण को लेकर उन्होंने थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
कानून व्यवस्था पर कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने पुलिस स्टाफ को निर्देशित किया कि—
क्षेत्र में निर्भीक होकर, कानून के दायरे में रहते हुए कार्रवाई करें।
किसी भी अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति की पहचान कर उसके विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करें।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त, निगरानी और जनसंपर्क को और मजबूत करें।
निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी
निरीक्षण के दौरान गढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक अवनीश पांडे एवं थाना स्टाफ उपस्थित रहे। निरीक्षण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई।
नियमित निरीक्षण से मजबूत होगी कानून व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि जिले के सभी थानों का निरीक्षण समय-समय पर जारी रहेगा। उनका यह औचक निरीक्षण निश्चित रूप से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मजबूती प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

