रीवा नगर पालिक निगम के समस्त प्लाटिंग क्षेत्रों में मार्ग भूमि को राजस्व अभिलेखों में ‘आम रास्ता’ के रूप में दर्ज कराने हेतु व्यापक निवेदन
रीवा जिले के अंतर्गत रीवा नगर पालिक निगम क्षेत्र में वर्तमान समय में बड़े पैमाने पर प्लाटिंग का कार्य लगातार संचालित हो रहा है। विभिन्न डेवलपर्स, फर्मों और प्लाटिंगकर्ताओं द्वारा आम नागरिकों को आकर्षक विज्ञापनों और आश्वासनों के माध्यम से प्लाट बेचे जा रहे हैं तथा सपनों का घर दिखाकर नागरिकों को निवेश के लिए प्रेरित किया जा रहा है। किन्तु अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्थिति यह है कि अधिकांश प्लाटिंग में जो भूमि मूल रूप से रास्ता के रूप में नियत और आरक्षित होती है, उसे भी भूमिस्वामी तथा एग्रीमेंट करने वाले प्लाटिंगकर्ता द्वारा अवैध रूप से विक्रय कर दिया जाता है। यही कारण है कि ऐसी दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों प्रकरण वर्तमान में राजस्व न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिससे न केवल नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है बल्कि माननीय न्यायालय का मूल्यवान समय भी अनावश्यक विवादों में नष्ट हो रहा है। इस संबंध में अधिवक्ता वी के माला ने सामाजिक हित में इस आशय का आवेदन नगर निगम आयुक्त एवं रीवा महापौर को प्रेषित किया गया है
साथ ही, रीवा नगर पालिक निगम के अधीन आने वाले अधिकांश मुख्य मार्ग, उप मार्ग, कॉलोनी मार्ग और आंतरिक गलियों का सही स्वरूप राजस्व अभिलेखों में दर्ज ही नहीं है। नगर निगम के राजस्व अमले का अधिकांश समय फील्ड निरीक्षण से दूर रहता है, न गश्त की कोई प्रक्रिया संचालित होती है और न ही मौके पर जाकर सत्यापन का कोई नियमित सिस्टम है, जिसके कारण शहर के सड़क निर्माण, रखरखाव और विकास कार्यों में निरंतर बाधाएँ उत्पन्न होती हैं। मार्गों की अस्पष्ट स्थिति के कारण आए दिन विवाद सामने आते हैं और न्यायालयीन कार्रवाई बढ़ती जा रही है।
अतः जनहित, न्यायहित और नगर विकास की दृष्टि से यह अत्यंत आवश्यक है कि रीवा नगर पालिक निगम के अंतर्गत अब तक जितनी भी प्लाटिंग हो चुकी हैं तथा जिन क्षेत्रों में प्लाटिंग वर्तमान में संचालित है, उन समस्त प्लाटिंग क्षेत्रों में जो भी भूमि ‘आम रास्ते’ के रूप में उपयोग में लाई जा रही है, चाहे वह मौके पर निर्मित हो या रजिस्ट्री में अंकित हो, उसे राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से ‘आम रास्ता’ के रूप में दर्ज कराया जाए। इसी प्रकार जिन डेवलपर्स द्वारा भविष्य में नई प्लाटिंग की जा रही है, उनके लिए यह अनिवार्य आदेश जारी किए जाएँ कि किसी भी प्रकार के प्लाट विक्रय या नामांतरण से पूर्व रास्ते की पूरी भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में ‘आम रास्ता’ के रूप में दर्ज कराना उनके लिए परम अनिवार्य होगा। इस नियम के बिना न तो नामांतरण किया जाए और न ही नगर निगम द्वारा उस कॉलोनी को मान्यता दी जाए।
इसके अतिरिक्त, इस आशय के निर्देश रीवा नगर पालिक निगम के राजस्व अधिकारी, नगर निगम अभिलेख शाखा तथा अनुभाग हुजूर के राजस्व अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर सभी संबंधित हल्का पटवारियों को प्रदान किए जाएँ कि वे अपने-अपने हल्के में जहाँ भी प्लाटिंग पहले हो चुकी है, जहाँ कॉलोनी विकसित हो चुकी है अथवा जहाँ नई प्लाटिंग संचालित है, वहाँ मौके का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि आम रास्ते के रूप में निर्धारित भूमि को राजस्व अभिलेखों में तत्काल प्रभाव से दर्ज किया जाए और उसे सुरक्षित श्रेणी में संरक्षित किया जाए। इससे न केवल नागरिकों को भविष्य के विवादों से मुक्ति मिलेगी बल्कि न्यायालयीन प्रकरणों में भी उल्लेखनीय कमी आएगी तथा नगर निगम के विकास कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सकेंगे।
जनहित में अपेक्षा है कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर ठोस, स्पष्ट और प्रभावी आदेश तत्काल जारी किए जाएँ ताकि रीवा शहर में हो रही अनियमित प्लाटिंग और रास्ता भूमि के अवैध विक्रय पर नियंत्रण स्थापित किया जा सके तथा नागरिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

