📰 शैक्षणिक भ्रमण से छात्रों में अनुभव व ज्ञान का होता है इज़ाफ़ा
पढ़ाई के साथ भ्रमण से होता है बच्चों का सर्वांगीण विकास — ऐतिहासिक रहा तीन दिवसीय बागेश्वर धाम, खजुराहो, ओरछा एवं झांसी का भ्रमण कार्यक्रम
मारुति इंटरनेशनल स्कूल, बंधवा (जिला मऊगंज) ने अपने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी एक तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। यह यात्रा न केवल विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक रही, बल्कि उन्हें भारत की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर से सीधे जोड़ने का अवसर भी प्रदान किया।
इस वर्ष के भ्रमण में विद्यालय के कुल 100 सदस्यीय दल ने हिस्सा लिया, जिसमें 85 विद्यार्थी, 15 शैक्षणिक स्टाफ और 5 सहायक कर्मचारी सम्मिलित थे। यात्रा का शुभारंभ गुरुवार सुबह विद्यालय परिसर से बस द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया और शनिवार शाम को दल सुरक्षित रूप से विद्यालय लौटा।
📘 शिक्षा के साथ अनुभव की नई उड़ान
विद्यालय के संचालक एवं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन मऊगंज के महासचिव प्रमोद सिंह रक्सेल ने कहा कि “केवल पुस्तकीय शिक्षा पर्याप्त नहीं होती, जीवन में व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव का होना भी उतना ही आवश्यक है। शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक दृष्टिकोण को भी विकसित करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस यात्रा से विद्यार्थियों ने न केवल इतिहास, भूगोल और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को जाना, बल्कि एक टीम भावना, अनुशासन और जिम्मेदारी का भी अनुभव किया।
🛕 आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का साक्षात्कार
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन किया, जिनमें प्रमुख रहे —
1. मां पद्मावती शक्तिपीठ, पन्ना
2. पांडव फॉल, पन्ना
3. यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो
4. बागेश्वर धाम बालाजी, गढ़ा जिला छतरपुर
5. राम राजा सरकार मंदिर, ओरछा
6. चतुर्भुज मंदिर एवं राजा महल, ओरछा
7. झांसी का ऐतिहासिक किला
8. जनरल बिपिन सिंह रावत पार्क, झांसी
इन स्थलों के भ्रमण से विद्यार्थियों ने भारतीय स्थापत्य कला, धार्मिक आस्था, वीरता की कहानियों और ऐतिहासिक विरासत को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
🎓 भ्रमण से मिला जीवन का व्यावहारिक ज्ञान
भ्रमण प्रभारी शिवेंद्र द्विवेदी शास्त्री ने बताया कि यात्रा पूरी तरह सुनियोजित ढंग से की गई थी, जिसमें विद्यार्थियों की सुरक्षा, भोजन, आवास और यात्रा व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि “इस तरह के भ्रमण विद्यार्थियों को पुस्तकों से बाहर निकलकर जीवन का वास्तविक अनुभव कराते हैं।"
👩🎓 विद्यार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव
भ्रमण से लौटे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इन पवित्र और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा ने उनके जीवन में नई ऊर्जा और प्रेरणा भरी है। विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा से उन्हें इतिहास की किताबों से परे जाकर भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को करीब से देखने का अवसर मिला।
🏫 विद्यालय प्रबंधन की भूमिका
विद्यालय प्रबंधन ने इस भ्रमण को सफल बनाने के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की। छात्रों के भोजन, आवास और सुरक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों और सहायक स्टाफ ने बखूबी निभाई। प्रबंधन ने घोषणा की कि आगामी वर्षों में भी विद्यार्थियों के लिए इसी तरह के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण जारी रहेंगे ताकि विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ जीवन का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो सके।
इस तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण ने यह सिद्ध कर दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती। जब विद्यार्थी खुद अनुभव करते हैं, देखते हैं और समझते हैं, तभी वास्तविक शिक्षा पूर्ण होती है।








