मऊगंज कलेक्टर पर गंभीर आरोप—EE RES S.B. रावत का वायरल ऑडियो बना बड़ा मुद्दा आरोप: “5 लाख रुपए कलेक्टर को दे देते तो मामला रफा-दफा हो जाता”
उपयंत्री प्रवीण पांडेय और कार्यपालन यंत्री S.B. रावत के बीच बातचीत बताई जा रही है वायरल ऑडियो में
दिनांक – 24 नवंबर 2025 | रीवा/मऊगंज (मप्र)
मऊगंज जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) के कार्यपालन यंत्री S.B. रावत और उपयंत्री सर्व शिक्षा मिशन नईगढ़ी प्रवीण पांडेय के बीच की बातचीत का एक कथित मोबाइल ऑडियो वायरल हुआ। इस ऑडियो में कार्यपालन यंत्री S.B. रावत कलेक्टर मऊगंज संजय जैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुनाई दे रहे हैं।
वायरल ऑडियो में रावत कथित रूप से कहते हैं कि—
“5 लाख रुपए कलेक्टर साहब को पहुंचा देते तो मामला रफा-दफा हो जाता।”
यह बात सामने आते ही जिले में सनसनी फैल गई है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि अब कलेक्टर मऊगंज तथा कमिश्नर रीवा संभाग इस आरोप को लेकर क्या कदम उठाएंगे।
जिलहंडी पंचायत नईगढ़ी के 68 लाख घोटाले से जुड़ा मामला
यह पूरा प्रकरण ग्राम पंचायत जिलहंडी, जनपद पंचायत नईगढ़ी (मऊगंज) से जुड़ा है। आवेदक सुधाकर सिंह, बंस पति द्विवेदी और सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने मामले में हाईकोर्ट जबलपुर में रिट याचिका दायर की थी।
जांच में शुरूआत में 68 लाख रुपये की वसूली निकाली गई थी। बाद में जिला पंचायत रीवा की जांच में वसूली राशि घटाकर 56 हजार कर दी गई, जिसे आवेदकों ने कोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर कलेक्टर मऊगंज संजय जैन ने सुनवाई की।
कलेक्टर ने—
SDO R.E.S. एस.आर. प्रजापति की दोनों जांचों को,
और EE S.B. रावत की रिपोर्ट को
आधार मानते हुए 68 लाख की वसूली फिर से यथावत लागू कर दी।
कार्यपालन यंत्री S.B. रावत की रिपोर्ट कलेक्टर की सुनवाई में शामिल थी
कलेक्टर मऊगंज द्वारा की गई सुनवाई में कार्यपालन यंत्री S.B. रावत को भी बुलाया गया था।
उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में SDO त्यौंथर S.R. प्रजापति द्वारा निकाली गई 68 लाख की वसूली को सही ठहराया था, जिस आधार पर कलेक्टर ने अंतिम निर्णय लिया।
वायरल ऑडियो: कलेक्टर पर रिश्वत लेकर फैसला बदलने का संकेत?
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर कार्यपालन यंत्री रावत कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि—
“कलेक्टर ने मामले की रिपोर्ट 4 महीने दबाकर रखी।”
“अगर 5 लाख रुपए पहुंच जाते तो फैसला आरोपियों के पक्ष में हो जाता।’’
इस बातचीत के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या एक सरकारी अधिकारी द्वारा अपने ही वरिष्ठ अधिकारी पर लगाए गए ऐसे आरोपों की जांच होगी।
हाईकोर्ट जाने की सलाह भी दे रहे हैं रावत
ऑडियो में एक और बड़ा दावा सामने आता है, जहाँ रावत उपयंत्री प्रवीण पांडेय को स्पष्ट रूप से कहते हैं —
“यहाँ कलेक्टर या कमिश्नर से कुछ नहीं होगा।”
“सीधे हाईकोर्ट जाएं और स्टे लेकर आएं।”
“जो दो-चार लाख खर्च हों, खर्च कर दो।”
यह सलाह अपने आप में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े करती है।
पहले भी विवादों में रहे हैं S.B. रावत—फर्जी प्रविष्टियों व संपत्ति विवरण छिपाने के आरोप
पूर्व में सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी की शिकायत पर कमिश्नर रीवा बी.एस. जामोद द्वारा कराई गई जांच में S.B. रावत पर कई गंभीर तथ्य सामने आए थे:
सेवा पुस्तिका गुम बताकर स्वयं डुप्लीकेट सेवा पुस्तिका तैयार करना
स्वयं द्वारा कूट-रचना कर एंट्री भरना
चार वर्षों से अचल संपत्ति का विवरण प्रस्तुत न करना
यह सभी तथ्य जांच प्रतिवेदन में दर्ज हैं।
इस पर कमिश्नर रीवा ने कार्यवाही हेतु पत्र भोपाल स्थित ENC कार्यालय को भेजा है।
बार-बार ऑडियो–वीडियो वायरल, फिर भी कार्रवाई नहीं—प्रशासन की भूमिका पर सवाल
RES विभाग में पिछले दो वर्षों से लगातार अधिकारियों के वीडियो और ऑडियो वायरल हो रहे हैं:
पहले कार्यपालन यंत्री T.P. गुरुद्वान ने वरिष्ठ अधिकारियों पर समान आरोप लगाए थे
उनके खिलाफ कार्रवाई हुई, निलंबन भी हुआ
लेकिन S.B. रावत के मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई
जनता सवाल पूछ रही है कि—
“क्या वरिष्ठ स्तर से इन्हें संरक्षण प्राप्त है?”
अब सवाल—कलेक्टर संजय जैन क्या करेंगे?
वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं।
सरकारी व्यवस्था में किसी कलेक्टर पर कार्यवाही रोकने के लिए रिश्वत मांगने जैसा दावा प्रशासनिक विश्वसनीयता पर बड़ा धक्का है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि—
कलेक्टर मऊगंज संजय जैन इस वीडियो पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं?
क्या S.B. रावत के खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रारंभ होगी?
क्या कमिश्नर रीवा संभाग इस पूरे मामले का संज्ञान लेंगे?
मऊगंज प्रशासन और RES विभाग की प्रतिष्ठा के लिए इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच बेहद आवश्यक मानी जा रही है।

