धान उपार्जन केंद्रों पर कलेक्टर की सख्ती किसानों से अवैध वसूली की शिकायत मिली तो तुरंत होगी कार्रवाई — कलेक्टर प्रतिभा पाल
रीवा/मऊगंज। जिले में धान उपार्जन कार्यों को निष्पक्ष, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने गुरुवार को जिले के कई धान उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कहीं-कहीं व्यवस्थाएँ संतोषजनक हैं, तो कुछ स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि किसानों से एक भी रुपये की अतिरिक्त राशि ली गई, तो जिम्मेदार कर्मचारियों, ऑपरेटरों और केंद्र प्रभारियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
किसान हित सर्वोपरि — अवैध वसूली पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’
कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा धान खरीदी के लिए स्पष्ट नियम और दरें निर्धारित की गई हैं। किसान अपनी मेहनत की उपज लेकर केंद्रों तक पहुँचते हैं, ऐसे में उनके साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी स्वीकार नहीं होगी।
उन्होंने चेतावनी दी—
“ध्यान रहे, किसानों को परेशान करने या अवैध वसूली की शिकायत मिली तो कोई भी जिम्मेदार बच नहीं पाएगा। तत्काल निलंबन, एफआईआर और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण: तौल, भुगतान और पंजीयन पर फोकस
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निम्न बिंदुओं की बारीकी से समीक्षा की—
तौल प्रक्रिया: इलेक्ट्रॉनिक कांटों की सटीकता जांची गई, वजन में किसी प्रकार की हेराफेरी न हो इसका निर्देश दिया।
पंजीयन और टोकन व्यवस्था: किसानों को समय पर टोकन मिले, अव्यवस्था न हो—यह सुनिश्चित किया गया।
भुगतान की पारदर्शिता: कलेक्टर ने कहा कि किसानों के खाते में भुगतान समयसीमा के भीतर पहुंचे, किसी भी देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।
स्टाफ की मौजूदगी: अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधितों को चेतावनी दी गई।
किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएँ अनिवार्य
कलेक्टर ने उपार्जन केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि—
किसानों के लिए पीने के पानी,
छाया व विश्राम स्थल,
शौचालय,
बैठने की व्यवस्था,
ओलों/बारिश से बचाव के साधन,
तथा माप-तौल मशीनों की कार्यशीलता
सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबी कतारें और अनावश्यक प्रतीक्षा किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए।
किसानों में विश्वास, संचालकों में सतर्कता
कलेक्टर की सख्ती के बाद किसानों में राहत और भरोसे का माहौल नजर आया। वहीं उपार्जन केंद्रों के संचालकों और कर्मचारियों को भी साफ संदेश मिल गया है कि इस बार धान खरीद में लापरवाही, दलाली, अवैध कटौती या अनियमितता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


