खटखरी ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का बोलबाला मध्यान्ह भोजन से लेकर गौशाला तक अनियमितताओं का आरोप, जांच की मांग तेज
मऊगंज जिले की हनुमना जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खटखरी इन दिनों गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। ग्रामवासियों एवं समाजसेवी अशोक गुप्ता ने पंचायत में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों पर मध्यान्ह भोजन, गौशाला संचालन एवं निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
अशोक गुप्ता ने बताया कि जब से ग्राम पंचायत में श्वेता शर्मा की पदस्थापना हुई है, तब से भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। आरोप है कि पंचायत सचिव रामलोचन शर्मा एवं सहायक सचिव धर्मेंद्र गुप्ता की मिलीभगत से शासन की योजनाओं में खुला खेल खेला जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में जनपद पंचायत हनुमना, जिला पंचायत रीवा तथा हाईकोर्ट जबलपुर तक शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
एक ही पंच को सौंपे गए सभी कार्य
शिकायतकर्ताओं के अनुसार पंचायत में होने वाले लगभग सभी निर्माण कार्य, सामग्री खरीदी, मजदूरी भुगतान एवं गौशाला संचालन का जिम्मा एक ही पंच को सौंप दिया गया है। अन्य पंचों को न तो जानकारी दी जाती है और न ही निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जाता है। यह स्थिति पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
गौशाला में घोटाला, मवेशियों को नहीं मिल रहा चारा
ग्राम पंचायत खटखरी की गौशाला में भी भारी अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि गौशाला संचालन के नाम पर लाखों रुपये निकाले गए, लेकिन मवेशियों को न तो पर्याप्त चारा दिया गया और न ही पानी की समुचित व्यवस्था की गई।
बताया गया कि रावणी स्व-सहायता समूह के नाम पर गौशाला का संचालन किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में पशुओं के लिए आवंटित राशि का दुरुपयोग किया गया। चारा, भूसा एवं अन्य सामग्री की खरीदी केवल कागजों में दर्शाई गई है।
मध्यान्ह भोजन में भारी गड़बड़ी
विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वार्ड क्रमांक 16 एवं 20 के पंच प्रतिनिधियों ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार चावल, दाल व सब्जी देने के स्थान पर बच्चों को पानीदार खिचड़ी, जिसमें गिने-चुने चने और आलू के टुकड़े होते हैं, परोसी जा रही है।
कई बार बच्चों ने स्वयं बयान दिया कि भोजन गुणवत्ताहीन है और खाने योग्य नहीं होता। इस संबंध में मौके पर वीडियो भी बनाए गए हैं।
अनाज की कालाबाजारी का आरोप
आरोप है कि मध्यान्ह भोजन का अनाज पंचायत द्वारा उठाकर निजी स्तर पर बेच दिया जाता है और बच्चों को घटिया भोजन परोसा जाता है। यह पूरा खेल सरपंच, सचिव एवं संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है।
प्रशासन से जांच की मांग
समाजसेवी अशोक गुप्ता सहित ग्रामीणों ने 24 दिसंबर 2025 को अनुविभागीय अधिकारी हनुमना, कार्यपालन अधिकारी, एवं पशु चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर मऊगंज, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम हनुमना एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि
ग्राम पंचायत खटखरी एवं गौशाला में हुए भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच सके।


