100 एमजी से अधिक नाइमेसुलाइड पर केंद्र सरकार की सख्ती स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला, निर्माण–बिक्री पर तत्काल रोक
केंद्र सरकार ने आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पेन किलर दवा नाइमेसुलाइड (Nimesulide) को लेकर बड़ा और अहम निर्णय लिया है। सरकार ने 100 मिलीग्राम से अधिक मात्रा वाली नाइमेसुलाइड की ओरल दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नाइमेसुलाइड की अधिक मात्रा लिवर समेत शरीर के अन्य अंगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। विशेषज्ञ समितियों की रिपोर्ट और उपलब्ध वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि बाजार में इस दवा के अधिक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में उच्च मात्रा वाली नाइमेसुलाइड का उपयोग जनस्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण है।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई
यह प्रतिबंध ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के प्रावधानों के तहत लगाया गया है। आदेश के अनुसार, अब कोई भी दवा निर्माता 100 mg से अधिक नाइमेसुलाइड युक्त ओरल दवा का निर्माण नहीं कर सकेगा, न ही इसका भंडारण, बिक्री या वितरण किया जा सकेगा।
डॉक्टरों और दवा विक्रेताओं को निर्देश
सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं कि वे इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। साथ ही डॉक्टरों को सलाह दी गई है कि वे मरीजों को सुरक्षित विकल्पों की ही दवाएं लिखें। दवा विक्रेताओं को भी प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री न करने की हिदायत दी गई है।
जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला जनस्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अनियंत्रित रूप से पेन किलर दवाओं के सेवन से गंभीर दुष्प्रभाव सामने आते रहे हैं, ऐसे में सरकार का यह कदम समयोचित बताया जा रहा है।
सरकार ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी पेन किलर दवा का सेवन न करें और किसी भी प्रकार की दवा से जुड़ी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।



