रीवा/मनगवां। ग्राम पंचायत रक्सा माजन के अंतर्गत मल रोड पर कथित अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2014 से लगातार तहसील कार्यालय मनगवां, उप तहसील गढ़, कलेक्टर कार्यालय रीवा तथा तत्कालीन कमिश्नर रीवा तक शिकायतें दर्ज कराई गईं, किंतु 2025 बीत जाने और 2026 की शुरुआत हो जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीण प्रतिनिधि रोशन लाल कुशवाहा के नेतृत्व में कई बार ज्ञापन सौंपे गए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन समय-समय पर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाने का दावा करता है, परंतु रक्सा माजन की इस महत्वपूर्ण मार्ग समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक और संबंधित पटवारी की लापरवाही अथवा कार्यप्रणाली की उदासीनता के कारण मामला वर्षों से लंबित है।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
ग्रामीणों ने यह भी प्रश्न उठाया है कि संबंधित तहसील के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में मौन क्यों हैं? क्या उन पर किसी प्रकार का राजनीतिक या आर्थिक दबाव है? हालांकि इसका स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन अतिक्रमण न हटने से ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की आशंकाएं जन्म ले रही हैं।
मल रोड ग्राम पंचायत का प्रमुख मार्ग बताया जा रहा है, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे आपातकालीन सेवाओं का पहुंचना भी प्रभावित होता है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही राजस्व अमले द्वारा सीमांकन कर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण अब और प्रतीक्षा नहीं कर सकते।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:
संबंधित भूमि का तत्काल सीमांकन कराया जाए।
शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर मार्ग को पुनः सुगम बनाया जाए।
लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और वर्षों से लंबित समस्या का समाधान कब तक सुनिश्चित करता है।

