20 से 28 फरवरी तक संगीतमय श्रीमद् वाल्मीकीय श्री राम कथा का भव्य आयोजन
01 मार्च को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ होगा समापन
रीवा। धर्म, आस्था और भक्ति के अद्वितीय संगम का पावन अवसर क्षेत्रवासियों को प्राप्त होने जा रहा है। ग्राम कलवारी में 20 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक संगीतमय श्रीमद् वाल्मीकीय श्री राम कथा का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया जा रहा है। इस नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन 01 मार्च 2026, रविवार को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा। आयोजन को लेकर ग्रामवासियों एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
भव्य कलश शोभायात्रा से होगा शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ 20 फरवरी 2026, शुक्रवार को प्रातः 10 बजे भव्य कलश शोभायात्रा के साथ किया जाएगा। शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु, महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर मंगलगीतों के साथ शामिल होंगी। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच पूरे ग्राम में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होगा।
प्रतिदिन होगा संगीतमय कथा वाचन
20 फरवरी से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से सायं 6 बजे तक कथा व्यास परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज के श्रीमुख से संगीतमय श्रीमद् वाल्मीकीय राम कथा का रसपान कराया जाएगा। उनके मधुर, ओजस्वी एवं प्रेरणादायी प्रवचनों से श्रद्धालु धर्म, मर्यादा, त्याग और आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश ग्रहण करेंगे। कथा के दौरान भक्ति भजनों एवं संगीत की मधुर प्रस्तुति भी होगी, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहेगा।
विशेष कार्यक्रम
28 फरवरी 2026, शनिवार को कथा विश्राम एवं चुनरी चढ़ाने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर विशेष पूजन-अर्चन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की जाएगी।
01 मार्च 2026, रविवार को दोपहर 1 बजे पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समस्त श्रद्धालुओं को सपरिवार प्रसाद ग्रहण करने हेतु आमंत्रित किया गया है।
आयोजन समिति की अपील
आयोजन समिति के प्रमुख नितेश शर्मा ने क्षेत्रवासियों, धर्मप्रेमियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, प्रकाश एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
यह आयोजन समस्त ग्रामवासी कलवारी एवं बजरंग ग्रुप के सहयोग से संपन्न हो रहा है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे अपने परिवारजनों एवं इष्टमित्रों सहित पधारकर आयोजन को सफल बनाएं तथा धर्ममय वातावरण का लाभ उठाएं।

