थाना गढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हाईवे लूटकांड का खुलासा, लूटी गई पिकअप सहित एक आरोपी गिरफ्तार
रीवा, 18 फरवरी 2026।
हाईवे पर लगातार हो रही लूट की घटनाओं के बीच थाना गढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूटी गई पिकअप वाहन सहित एक आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर केंद्रीय जेल रीवा भेज दिया गया है।
घटना का विवरण
फरियादी चन्देश्वर जायसवाल (उम्र 24 वर्ष) निवासी ग्राम नवगई, पोस्ट बिहारपुर, थाना बिहारपुर (चांदनी), जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) ने थाना गढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने खलासी राहुल प्रजापति (उम्र 22 वर्ष) के साथ पिकअप वाहन क्रमांक UP64CT5213 से मटर लोड कर जबलपुर से गोरखपुर गया था।
दिनांक 18 दिसंबर 2025 को मटर अनलोड कर वापस जबलपुर लौटते समय, थाना गढ़ क्षेत्र अंतर्गत स्वाती टोल प्लाजा और गंगे के बीच एक अर्टिगा कार में सवार पांच अज्ञात बदमाशों ने उनकी पिकअप को रुकवाया। आरोपियों ने चालक और खलासी को डरा-धमकाकर जबरन अपनी गाड़ी में बैठाया तथा उनकी पिकअप और नगदी लूट ली। इसके बाद उन्हें बड़गड़ के जंगल क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए।
इस संबंध में थाना गढ़ में धारा 140(3), 309(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध क्रमांक 528/2025 दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
पुलिस की कार्रवाई
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी गढ़ अनीश पांडे के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
दिनांक 16 फरवरी 2026 को मुख्य आरोपी यकूब खान को उत्तर प्रदेश के खीरी थाना क्षेत्र के एक गांव से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से लूटी गई पिकअप (कीमत लगभग 10 लाख रुपये) बरामद की गई तथा घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार भी जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर केंद्रीय जेल रीवा भेज दिया गया है। मामले में शामिल अन्य पांच आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
अन्य खुलासे
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी गिरोह द्वारा मवेशी चोरी की घटनाओं को भी अंजाम दिया जाता था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह अन्य हाईवे लूट की घटनाओं में शामिल रहा है।
महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में रीवा पुलिस टीम एवं साइबर सेल की विशेष भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने समन्वित कार्रवाई करते हुए मामले का सफल खुलासा किया।

