🚨 मऊगंज जिले में दिनदहाड़े महिला के गले से 5 ग्राम सोने का मंगलसूत्र लूटा
टेंपो में बैठी महिला को बनाया निशाना, बाइक सवार बदमाश फरार
25 फरवरी 2026। जिले में लूट और झपटमारी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला दोपहर करीब 12:30 बजे का है, जब टेंपो में सवार एक महिला के गले से दिनदहाड़े 5 ग्राम सोने का मंगलसूत्र झपट लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोरी नंबर-2 निवासी शीला देवी साकेत, पति प्रदीप कुमार साकेत, थाना गढ़, तहसील मनगवां, जिला रीवा (मध्य प्रदेश) की रहने वाली हैं। वे अपने ससुराल से ढेरा पथराहा स्थित मायके जा रही थीं।
बताया गया है कि महिला गढ़ से ऑटो (टेंपो) में सवार हुई थीं। लेड़ूआ और तेडताल के बीच सुनसान में उनके बगल में बैठा एक युवक अचानक उनके गले से मंगलसूत्र छीनकर पहले से तैयार अपने साथी के साथ काली पल्सर मोटरसाइकिल से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी ने काली टी-शर्ट और लोवर पहन रखा था।
थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने में भी परेशानी
घटना के बाद पीड़िता ने तत्काल गढ़ थाने में सूचना दी, लेकिन क्षेत्राधिकार (सीमा) का हवाला देते हुए उन्हें नईगढ़ी थाना भेज दिया गया। आरोप है कि नई गढ़ी थाने में इतने संवेदनशील मामले में भी लिखित आवेदन मांगा गया और रिपोर्ट दर्ज कराने में अनावश्यक औपचारिकताएं की गईं।
पीड़िता पक्ष का कहना है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा लूटमार व झपटमारी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, इसके बावजूद जमीनी स्तर पर गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। घटना के संबंध में नईगढ़ी पुलिस से कई बार संपर्क किया गया, किंतु समाचार लिखे जाने तक कोई संतोषजनक जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।
होली के पहले सक्रिय हुए झपटमार
क्षेत्र में चर्चा है कि होली पर्व के मद्देनज़र बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके या रिश्तेदारी में आना-जाना करती हैं। इसी का फायदा उठाकर बाइक सवार झपटमार सक्रिय हो जाते हैं। बस, ऑटो और बाजार क्षेत्रों में ऐसे बदमाश पहले से रेकी कर घटनाओं को अंजाम देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रीवा और मऊगंज क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार के कारण भी चोरी-लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं। नशे की पूर्ति के लिए असामाजिक तत्व इस प्रकार की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
महिलाओं के लिए सावधानी सुझाव
जानकारों का कहना है कि यात्रा के दौरान सोने-चांदी के आभूषण पहनने से बचें। यदि पहनना आवश्यक हो तो उन्हें कपड़ों के अंदर सुरक्षित रखें। भीड़भाड़ या सार्वजनिक परिवहन में सतर्कता बरतें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
यह घटना एक बार फिर जिले की कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से आमजन में भय का माहौल और गहरा सकता है।

