रीवा कलेक्टर ने गंगेव में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, गर्भवती महिलाओं की जांच व सही डेटा दर्ज करने के निर्देश
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने चिकित्साकर्मियों को दी सख्त हिदायत
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने गंगैव जनपद कार्यालय सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी चिकित्साकर्मियों को मानवीय संवेदना और सेवा भाव के साथ मरीजों का उपचार करने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। केवल समय पर आईडी दर्ज करने से ही गर्भवती महिला का पूरा विवरण दर्ज हो जाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर जांच कर उनके ब्लड प्रेशर, वजन, कद एवं हीमोग्लोबिन की सही जानकारी ऑफलाइन तथा अनमोल पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने पर गर्भवती महिला के नाम के सामने लाल या पीला निशान दिखाई देता है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उसके अनुरूप एनीमिया प्रबंधन किया जाए। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज करने से गर्भवती महिलाओं के जीवन को खतरा हो सकता है। गलत डेटा दर्ज करना आपराधिक कृत्य है और यह मानवता के प्रति गंभीर अपराध है। ऐसी स्थिति में एएनएम, सीएचओ और बीएमओ के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण एवं एनीमिया प्रबंधन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। गंभीर एवं मध्यम एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली उपचार सुविधाओं के बारे में भी जानकारी साझा की गई। बीएमओ को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गर्भवती महिला की माह में एक बार पुनः जांच कर सत्यापित डेटा ऑफलाइन और ऑनलाइन दर्ज करें।
कलेक्टर ने कहा कि अधिकांश मैदानी कर्मचारी अच्छा कार्य कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही के कारण विभाग और जिले की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि पोर्टल पर पूरी सावधानी के साथ वास्तविक जानकारी दर्ज की जाए तथा बीएमओ और सीएचओ गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और जांच की सतत निगरानी करें। एनीमिक महिलाओं को आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगाए जाएं और गंभीर स्थिति में उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर उपचार सुनिश्चित किया जाए।
प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश त्रिपाठी ने बताया कि एएनएम द्वारा गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच की जा रही है। डेटा फीडिंग में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर बीएमओ कार्यालय में डेटा एंट्री ऑपरेटर की सहायता ली जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी गर्भवती महिला में गंभीर एनीमिया की स्थिति को छिपाया न जाए, बल्कि उसका समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। गर्भवती महिलाओं की जांच का विवरण एमसीपी कार्ड में भी अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए।
बैठक में डॉ. संदीप पटेल द्वारा अनमोल पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने का बिंदुवार प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में एसडीएम मनगवां संजय जैन, सीईओ जनपद प्राची चौबे, डीपीएम राजेंद्र मिश्रा, बीएमओ डॉ. देवव्रत पाण्डेय सहित सभी सीएचओ एवं एएनएम उपस्थित रहे।

