गढ़ उप-तहसील में अव्यवस्थाओं का अंबार: अतिक्रमण, फाइलें गायब और समय पर नहीं खुलता कार्यालय — अधिवक्ता संघ ने उठाए गंभीर सवाल
रीवा/मनगवां। रीवा जिला की तहसील मनगवां के अंतर्गत आने वाली गढ़ उप-तहसील इन दिनों कथित भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। अधिवक्ता संघ मनगवां के सचिव बृजेंद्र सिंह ने तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यहाँ आम जनता को न्याय और समाधान के बजाय केवल “तारीख” और असुविधाएं मिल रही हैं, जिससे पक्षकारों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
शासकीय स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप
अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह के अनुसार गढ़ स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल की बहुमूल्य भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर पक्के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तहसीलदार को साक्ष्यों सहित शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें कार्यालय से बाहर कर दिया गया।
अधिवक्ता का आरोप है कि यह स्थिति प्रशासन और अतिक्रमणकारियों के बीच संभावित मिलीभगत की ओर संकेत करती है।
रिकॉर्ड रूम से महत्वपूर्ण फाइलें ‘गायब’
तहसील कार्यालय के भीतर भी गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। अधिवक्ता संघ के अनुसार कई महत्वपूर्ण मामलों की फाइलें रिकॉर्ड रूम से रहस्यमय ढंग से गायब हो रही हैं। कई प्रकरणों का रजिस्टर में विधिवत इंद्राज नहीं किया जा रहा और न ही सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं।
गायब दस्तावेजों का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से कार्यालय की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कार्यालय समय का पालन नहीं, ग्रामीण परेशान
सरकारी नियमों के अनुसार तहसील कार्यालय का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है, लेकिन आरोप है कि अधिकारी और कर्मचारी दोपहर 12 से 1 बजे के बीच कार्यालय पहुंचते हैं। दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोग घंटों इंतजार करने के बाद बिना काम के लौटने को मजबूर हैं। इससे राजस्व संबंधी अनेक प्रकरण महीनों से लंबित पड़े हैं।
गढ़-नईगढ़ी मार्ग पर अतिक्रमण से जाम की समस्या
तहसील कार्यालय के बाहर भी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। गढ़-नईगढ़ी रोड पर व्यापारियों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित रहता है। लगातार लगने वाले जाम से आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नायब तहसीलदार की चुप्पी, एसडीएम को शिकायत
इन आरोपों के संबंध में जब नायब तहसीलदार का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अधिवक्ता संघ का कहना है कि मामले की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को भी की गई है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।

