वनाधिकार दावों में लापरवाही पर चार अधिकारियों को नोटिस
समुचित कार्यवाही न करने पर कलेक्टर ने मांगा तीन दिन में जवाब, अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
रीवा। जिले में वनाधिकार दावों के निराकरण में शिथिलता बरतने के मामले में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। वन अधिकार अधिनियम के तहत वनमित्र पोर्टल पर प्राप्त दावों पर समयबद्ध एवं समुचित कार्यवाही न किए जाने के कारण चार जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत जवा, गंगेव, त्योंथर तथा सिरमौर को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वनाधिकार दावों के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। इसके लिए तीन दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के दावों का परीक्षण एवं निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है। इसके लिए शासन द्वारा वनमित्र पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश पूर्व से ही दिए गए हैं। इसके बावजूद कुछ जनपद पंचायतों में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र वनाधिकार दावेदारों को समय पर लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लंबित दावों का शीघ्र परीक्षण कर नियमों के अनुसार निराकरण सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को शासन की प्राथमिकताओं के प्रति गंभीरता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

