“गोल्डन ऑवर में दिखाई बहादुरी: मऊगंज के ‘रियल लाइफ हीरोज’ बने डायल-112 के जवान, एसपी ने किया सम्मानित”
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करने वाले डायल-112 के दो पुलिस जवानों को पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी द्वारा सम्मानित किया गया। आरक्षक रजनीश यादव और पायलट प्रवेश चतुर्वेदी ने सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो लोगों की जान बचाकर पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दोनों जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
दरअसल, 02 मार्च को मऊगंज बाईपास मार्ग पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई थी। इस हादसे में एक पुरुष और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की FRV (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) मौके पर पहुँची। मौके पर मौजूद आरक्षक रजनीश यादव और पायलट प्रवेश चतुर्वेदी ने बिना समय गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा और घायलों को तुरंत अपनी वाहन से अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया।
दुर्घटना के बाद का समय चिकित्सा विज्ञान में ‘गोल्डन ऑवर’ माना जाता है, जिसमें घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार मिलने से उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। डायल-112 टीम ने इसी गोल्डन ऑवर का सही उपयोग करते हुए घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर इलाज मिलने से दोनों की जान बच सकी। पुलिस की इस तत्परता और संवेदनशीलता की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।
इस सराहनीय कार्य के लिए मऊगंज पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने दोनों जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस का कार्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद करना भी है। उन्होंने कहा कि “आरक्षक रजनीश यादव और पायलट प्रवेश चतुर्वेदी ने अपनी तत्परता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता से न केवल दो लोगों की जान बचाई है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस के आदर्श वाक्य ‘देश भक्ति – जन सेवा’ को भी साकार किया है। ऐसे जांबाज पुलिसकर्मी पूरे विभाग के लिए प्रेरणा हैं।”
पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि डायल-112 सेवा आम नागरिकों के लिए आपात स्थिति में सबसे भरोसेमंद मददगार बन चुकी है। इस सेवा के माध्यम से पुलिसकर्मी दिन-रात तत्परता से लोगों की सहायता कर रहे हैं।
मऊगंज पुलिस द्वारा किए गए इस मानवीय कार्य की स्थानीय नागरिकों ने भी सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे पुलिसकर्मी समाज में भरोसा और सुरक्षा की भावना को मजबूत करते हैं। डायल-112 के इन जवानों ने अपने साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता के भाव से यह साबित कर दिया कि पुलिस वास्तव में जनता की सच्ची रक्षक है।


