गेहूं फसल सत्यापन में गड़बड़ी पर पटवारी निलंबित, प्रशासन की सख्त कार्रवाई
रीवा जिले की त्योंथर तहसील अंतर्गत ग्राम चन्दई में गेहूं फसल सत्यापन के दौरान गंभीर अनियमितता सामने आने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) त्योंथर द्वारा बुधवार रात जारी आदेश के तहत की गई, जिससे राजस्व महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी हल्का चन्दई के प्रभारी शारदा प्रसाद तिवारी ने ग्राम की आराजी नंबर 248/1 एवं 250 में, जहां वास्तविक रूप से तालाब एवं खाली पड़ी भूमि मौजूद है, वहां भी गेहूं की फसल दर्ज कर दी थी। इस तरह की प्रविष्टि न केवल राजस्व अभिलेखों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करती है।
मामले की शिकायत प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने दोबारा स्थलीय सत्यापन कराया, जिसमें प्रारंभिक आरोप सही पाए गए। इसके बावजूद संबंधित पटवारी द्वारा अपनी रिपोर्ट में कोई संशोधन नहीं किया गया, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पटवारी ने अपने दायित्वों के निर्वहन में भारी लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरती, जो कदाचार की श्रेणी में आता है।
इसी आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) त्योंथर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय त्योंथर तहसील रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई को प्रशासन द्वारा राजस्व कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का स्पष्ट संकेत है कि शासकीय अभिलेखों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या हेरफेर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल राजस्व तंत्र में अनुशासन स्थापित होगा, बल्कि आम जनता का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत होगा।


