ग्राम पंचायत गढ़ में भ्रष्टाचार की परतें खुलीं: जांच में अनियमितताओं की पुष्टि, सरपंच-सचिव पर धारा 40-92 की कार्रवाई की अनुशंसा
बाजार बैठकी की राशि, अधूरी स्ट्रीट लाइट, नाली निर्माण और सार्वजनिक कुएं में गड़बड़ियों का खुलासा, सीईओ जनपद का सख्त रुख
गढ़/गंगेव/रीवा। जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ में विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों ने अब प्रशासनिक कार्रवाई का रूप लेना शुरू कर दिया है। शिकायतकर्ताओं एवं ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 एवं 92 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार ग्राम पंचायत में बाजार बैठकी की राशि, स्ट्रीट लाइट स्थापना, नाली निर्माण और सार्वजनिक कुएं के कार्यों में अनियमितता एवं लापरवाही पाई गई है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गंगेव प्राची चौबे के निर्देश पर गठित जांच दल ने 29 मई 2026 को ग्राम पंचायत गढ़ पहुंचकर मौके पर जांच की। इसके बाद 2 जून 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में कई शिकायतों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया।
बाजार बैठकी की राशि में गड़बड़ी, 2 लाख रुपये की वसूली प्रस्तावित
जांच के प्रथम बिंदु में बाजार बैठकी की राशि का परीक्षण किया गया। जांच में यह सामने आया कि 13 अप्रैल 2026 को बाजार बैठकी से प्राप्त लगभग 2 लाख रुपये की राशि पंचायत के एकल खाते में जमा नहीं की गई। इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए जांच दल ने संबंधित राशि की वसूली का प्रस्ताव रखा है।
प्रतिवेदन में स्पष्ट अनुशंसा की गई है कि उक्त राशि की बराबर-बराबर वसूली सरपंच गोविंद कचेर एवं पूर्व पंचायत सचिव अच्छेलाल पटेल से की जाए तथा उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 एवं 92 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाए।
52 पोल लगे, लेकिन 28 आज भी अंधेरे में — स्ट्रीट लाइट कार्य अधूरा
ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में पाया गया कि पंचायत क्षेत्र में 52 नए विद्युत पोल लगाए गए, लेकिन इनमें से केवल 24 पोलों पर ही केबल और बल्ब लगाए गए। शेष 28 पोल अब तक बिना स्ट्रीट लाइट के खड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को रात के समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि यह कार्य 14 मार्च 2024 से 14 मार्च 2025 के बीच पूर्ण किया जाना था, किंतु निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बाद भी योजना अधूरी पड़ी रही। जांच के दौरान सरपंच द्वारा दो सप्ताह में कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन दिया गया था।
हालांकि 11 जून 2026 को पुनः समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि दिए गए आश्वासन के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं कराया गया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सरपंच और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
नाली निर्माण में गुणवत्ता पर सवाल, अधूरा कार्य बना जांच का विषय
शिकायत के तीसरे एवं चौथे बिंदु में पुरानी बस्ती और आदिवासी मोहल्ले में नाली निर्माण कार्य की जांच की गई। जांच टीम ने पाया कि पुरानी बस्ती में लगभग 300 मीटर नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता, चौड़ाई और गहराई में गंभीर अनियमितताएं हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वहीं नईगढ़ी रोड स्थित आदिवासी बस्ती के समीप नाली निर्माण कार्य अब तक अधूरा पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार कार्य से संबंधित राशि निकाली जा चुकी है, लेकिन मौके पर निर्माण पूरा नहीं हुआ। जांच दल ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं हुआ तो आहरित राशि की वसूली सरपंच एवं सचिव से की जाएगी तथा उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रस्तावित होगी।
सार्वजनिक कुआं निर्माण में राशि निकली, लेकिन कार्य अधूरा
ग्राम पंचायत गढ़ की पुरानी गल्ला मंडी के समीप सार्वजनिक कुएं के निर्माण कार्य में भी अनियमितता सामने आई है। जांच में पाया गया कि इस कार्य के लिए लगभग 91 हजार रुपये की स्वीकृति एवं 40 हजार रुपये की राशि आहरित की जा चुकी है, लेकिन मौके पर कुएं की जगत निर्माण और जल सफाई का कार्य अधूरा मिला।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि लगभग छह माह पूर्व राशि निकाल ली गई थी, बावजूद इसके कार्य पूर्ण नहीं कराया गया। जांच के दौरान सरपंच-सचिव ने 17 जून 2026 तक कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया है। हालांकि जांच दल ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में कार्य पूरा नहीं हुआ तो संबंधित राशि की वसूली करते हुए धारा 40 एवं 92 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
सीईओ जनपद का सख्त संदेश — समय सीमा में कार्य पूरा करें, अन्यथा होगी कार्रवाई
स्ट्रीट लाइट कार्य में लगातार लापरवाही सामने आने के बाद 15 जून 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गंगेव द्वारा सरपंच गोविंद प्रसाद कचेर एवं सचिव शिवेन्द्र तिवारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।
सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर स्ट्रीट लाइट कार्य पूर्ण कर प्रमाण प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा संबंधित व्यय को “निष्फल व्यय” मानते हुए प्रकरण जिला पंचायत रीवा को भेजा जाएगा और मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 एवं 92 के तहत कठोर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
ग्रामीणों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर
जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक होने और कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद ग्राम पंचायत गढ़ में चर्चाओं का माहौल गर्म है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर वास्तविक कार्रवाई होती है, तो पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मिसाल स्थापित होगी।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि विकास कार्यों के नाम पर यदि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
