सड़क या नरक? गढ़ बाजार में मुख्य मार्ग पर बह रहा गंदा पानी, राहगीर बेहाल
15 दिनों से सड़क पर फैल रहा गंदा पानी, कीचड़ और जलभराव से छात्र, व्यापारी व राहगीर परेशान
जनपद पंचायत गंगेव अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ में स्थित पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग-27 इन दिनों बदहाली और अव्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहा है। गढ़ बाजार के मुख्य मार्ग पर पिछले लगभग 15 दिनों से गंदा पानी लगातार बह रहा है, जिससे सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। बाजार क्षेत्र के बीचों-बीच जलभराव और कीचड़ के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर जमा पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बाजार का गंदा पानी सीधे मुख्य मार्ग पर फैल रहा है। स्थिति को अस्थायी रूप से नियंत्रित करने के उद्देश्य से कुछ दुकानदारों द्वारा सड़क पर मुरम डाली गई, लेकिन लगातार पानी बहने के कारण वही मुरम अब कीचड़ में बदल गई है। परिणामस्वरूप सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया है।
स्कूल और बैंक के सामने सबसे ज्यादा परेशानी
समस्या का सबसे गंभीर असर प्राथमिक पाठशाला और इंडियन बैंक के आसपास देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं, शिक्षक, बैंक उपभोक्ता और स्थानीय नागरिक इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। कीचड़ और गंदे पानी के कारण लोगों को अपने कपड़े बचाते हुए निकलना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों के गुजरने पर कीचड़युक्त पानी के छींटे राहगीरों पर पड़ते हैं, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। कई बार बुजुर्ग और बच्चे फिसलकर चोटिल होने से भी बाल-बाल बचे हैं। बाजार में आने वाले बाहरी लोगों के सामने भी क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है।
वर्षों से कायम है समस्या
ग्रामीणों और व्यापारियों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है। वर्ष 2018 के बाद से सड़क की मरम्मत और पैचवर्क का कार्य कई बार कराया गया, लेकिन मूल समस्या यानी जल निकासी की व्यवस्था पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप हर वर्ष बरसात से पहले और बरसात के दौरान यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन यदि नालियों और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई जाती तो सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों का लाभ लंबे समय तक नहीं मिल सकता।
पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों के प्रयास भी रहे बेअसर
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि पूर्व और वर्तमान दोनों विधायकों द्वारा समय-समय पर सड़क सुधार के प्रयास किए गए। विभिन्न स्तरों पर मरम्मत कार्य भी हुए, लेकिन जल निकासी की समस्या जस की तस बनी रही। यही कारण है कि सड़क की हालत बार-बार खराब हो जाती है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल सड़क की मरम्मत पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाजार क्षेत्र के लिए समुचित ड्रेनेज सिस्टम विकसित करना आवश्यक है, ताकि गंदा पानी सड़क पर न फैले।
मानसून से पहले बढ़ी चिंता
मानसून की दस्तक से पहले ही सड़क की यह स्थिति लोगों की चिंता बढ़ा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि अभी हालात इतने खराब हैं तो लगातार बारिश शुरू होने के बाद स्थिति और भी भयावह हो सकती है। जलभराव बढ़ने से यातायात बाधित होने, दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ने और व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि लंबे समय तक सड़क पर पानी जमा रहने से सड़क की गुणवत्ता तेजी से खराब होती है, जिससे सरकारी धन का नुकसान होता है और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता पड़ती है।
कलेक्टर, कमिश्नर और विधायक से हस्तक्षेप की मांग
क्षेत्रीय नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समाचार पत्र के माध्यम से जिला कलेक्टर रीवा, संभागीय आयुक्त तथा मनगवां विधायक का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया है। लोगों की मांग है कि बाजार क्षेत्र में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं किया जाता और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक गढ़ बाजार के नागरिकों को इस समस्या से राहत मिलना मुश्किल है।
अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब इस मुख्य मार्ग को कीचड़ और गंदे पानी से मुक्ति मिलेगी और गढ़ बाजार के नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन का अधिकार प्राप्त होगा।

