विश्व पर्यावरण दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर आत्मा योजनान्तर्गत प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन हुआ सम्पन
रीवा जिले के विकासखंड गंगेव अंतर्गत प्राकृतिक खेती में चयनित ग्राम माला, बेलवाकुर्मीयानमें विश्व पर्यावरण दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत डा सुधांशु पांडे क़ृषि वैज्ञानिक, क़ृषि महाविद्यालय रीवा,अजय कुशवाहा सरपंच खरहरी, श्री शिवसरण सरल, वरिष्ठ क़ृषि विकास अधिकारी, दीपक कुमार श्रीवास्तव, दीपिका तिवारी आत्मा परियोजना, एफ.पी.ओ से श्री कमल कुमार पांडे, श्री बिपिन तिवारी एवं प्राकृतिक खेती में पंजीकृत कृषको की उपस्थिति रही, क़ृषि वैज्ञानिक द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा कृषि एवं एल्लाईड विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करना है,कार्यशाला में उपस्थित कृषकों, महिला किसानों एवं ग्रामीणजनों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों के प्रमाणीकरण तथा उनकी बाजार व्यवस्था पर चर्चा करते हुए किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने के उपाय बताए गए।श्री शिवसरण सरल द्वारा
कार्यक्रम में मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मृदा की उर्वरता बनाए रखने के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए। साथ ही कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाई गई।दीपक कुमार श्रीवास्तव आत्मा परियोजना द्वारा किसानों को संतुलित एवं विवेकपूर्ण उर्वरक उपयोग के महत्व से अवगत कराया गया तथा आकस्मिक कृषि योजना अंतर्गत दलहन, तिलहन एवं मिलेट फसलों के उत्पादन एवं प्रबंधन संबंधी तकनीकी जानकारी दी गई। प्राकृतिक खेती के अंतर्गत मित्र कीटों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर विशेष चर्चा करते हुए कृषि पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका को समझाया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं स्वस्थ कृषि प्रणाली के लिए सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। कार्यशाला का समापन किसानों के प्रश्नों के समाधान एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


