मऊगंज में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
पटवारी की मिलीभगत से सरकारी भूमि निजी नामों पर दर्ज कराने का आरोप, सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज
मऊगंज। जिले की नईगढ़ी तहसील अंतर्गत ग्राम रिमारी में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे और राजस्व अभिलेखों में अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव की शासकीय भूमि, जिस पर वर्षों से सार्वजनिक उपयोग के लिए सड़क (आम रास्ता), शासकीय विद्यालय तथा मंदिर स्थित हैं, उसे कथित रूप से कुछ लोगों के नाम दर्ज कर दिया गया है। मामले को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार ग्राम रिमारी निवासी दीपू भारती ने इस संबंध में नईगढ़ी तहसीलदार को लिखित शिकायत एवं ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आराजी नंबर 45, जो मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज शासकीय भूमि है, उस पर कुछ व्यक्तियों द्वारा कब्जा कर लिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित हल्का पटवारी की कथित मिलीभगत से रमाशंकर सिंह, राजकुमार सिंह, बृजवासी, फूलकली एवं गीता देवी के नाम उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दिए गए, जबकि यह भूमि सार्वजनिक उपयोग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस प्रकार शासकीय भूमि पर निजी स्वामित्व दर्ज होता रहा तो भविष्य में गांव के सार्वजनिक मार्ग, विद्यालय और धार्मिक स्थल पर भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी दर्ज कराई है, जिसका शिकायत क्रमांक 3903237 बताया गया है। वर्तमान में यह मामला शिकायत निवारण अधिकारी के स्तर पर विचाराधीन है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित व्यक्तियों के नाम तत्काल भू-स्वामी कॉलम से हटाकर भूमि को पुनः मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज किया जाए। साथ ही राजस्व अभिलेखों की गहन जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले का समाधान नहीं किया गया तो शासकीय संपत्ति पर अवैध कब्जे की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा, जिससे गांव के सार्वजनिक संसाधनों और आम नागरिकों के अधिकार प्रभावित होंगे।
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला राजस्व अभिलेखों में गंभीर अनियमितता और शासकीय भूमि की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
(नोट: समाचार शिकायतकर्ता एवं ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच प्रशासन द्वारा की जानी शेष है।)








