पति को पत्नी की प्रताड़ना से न्याय की गुहार: पत्नी बच्चों और लाखों के सामान के साथ युवक के संग फरार
ग्राम पंचायत गढ़, तहसील मनगवा, जिला रीवा (मध्य प्रदेश)।
गढ़ थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें रामसूजन यादव नामक युवक ने अपनी पत्नी सरोज यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। रामसूजन की शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी सरोज (उम्र 23 वर्ष) दो छोटे बच्चों आदर्श यादव (उम्र 5 वर्ष) और आकृति यादव (उम्र 3 वर्ष) को लेकर एक अज्ञात युवक के साथ फरार हो गई।
घटना का विवरण
रामसूजन यादव मुंबई में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। पत्नी और बच्चों की देखभाल के लिए उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई पत्नी सरोज को सौंपी थी। उनके अनुसार, पत्नी के पास लगभग तीन लाख रुपये नगद और डेढ़ लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण थे। 12 दिसंबर 2024 को जब वह अपने परिवारजनों से सूचना पाकर गांव लौटे और थाने पहुंचे, तब उन्हें इस घटना का पूरा पता चला।
बच्चों की सुरक्षा पर गहरा संकट
पत्नी के इस कदम ने रामसूजन को न सिर्फ आर्थिक बल्कि भावनात्मक रूप से भी झकझोर दिया है। ठंड के मौसम में उनके दो छोटे बच्चे कहां और किस हालत में हैं, यह सोचकर वह बेहद चिंतित हैं। उनका बेटा गढ़ के सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ाई कर रहा था, लेकिन इस घटना के कारण उसकी पढ़ाई भी बाधित हो गई है।
पुलिस की स्थिति और प्रतिक्रिया
रामसूजन की शिकायत के बाद गढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला बालिक है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, अभी तक महिला और बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने कहा कि सभी संभावित स्थानों पर खोजबीन जारी है और संदेह के आधार पर युवक की भी तलाश हो रही है।
रामसूजन की सरकार और प्रशासन से अपील
रामसूजन ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी पत्नी और बच्चों को जल्द से जल्द खोजा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी पत्नी उनके साथ नहीं रहना चाहती, तो वह उसे स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार देंगे। लेकिन बच्चों की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाए ताकि वे उनका लालन-पालन और शिक्षा का प्रबंध कर सकें।
परिवार और समाज में आक्रोश
इस घटना के बाद गांव में हलचल मच गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों पर गहरी चोट है। पति और बच्चों को उनके अधिकार दिलाने के लिए गांव के लोग भी समर्थन में आगे आ रहे हैं।
आगे की कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल, यह मामला पुलिस की जांच के अधीन है। क्या महिला और बच्चे सही सलामत मिल पाएंगे? क्या रामसूजन को न्याय मिलेगा? यह सब समय के साथ स्पष्ट होगा। पीड़ित परिवार और समाज को प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है।
यह मामला न केवल एक पारिवारिक विवाद का है, बल्कि एक व्यक्ति के जीवन की अस्थिरता का भी प्रतीक है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

