धान खरीदी केंद्र की बदइंतजामी ने किसानों को किया बेहाल
दिनांक: 13 दिसंबर 2024 स्थान कटरा घुमा वेयरहाउस धान खरीदी केंद्र
रीवा जिले के त्योंथर तहसील स्थित कटरा घुमा पहाड़ वेयरहाउस में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टरों में धान लेकर कई दिनों से केंद्र पर खड़े हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा। अव्यवस्थाओं के बीच, किसान प्रशासन पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
किसानों की समस्या: इंतजार और शोषण
किसानों ने बताया कि वे कई दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीदी प्रक्रिया में देरी के कारण उनका समय और संसाधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
1. लंबी कतारें और इंतजार:
किसान मेवालाल, पिता रामनिवास निवासी घुमा, और अंकित पटेल ने बताया कि उनका ट्रैक्टर पांच दिनों से कतार में खड़ा है, लेकिन अब तक उनकी धान की तोलाई नहीं हुई।
2. ट्रैक्टर के पार्ट्स चोरी:
किसानों ने बताया कि लंबे इंतजार के दौरान उनके ट्रैक्टरों के पार्ट्स चोरी हो रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
3. भ्रष्टाचार के आरोप:
किसानों का आरोप है कि कुछ अधिकारियों द्वारा रिश्वत लिए बिना धान की तोलाई नहीं हो रही। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
4. संसाधनों की कमी:
खरीदी केंद्र पर बारदाने की कमी और पल्लेदारों की अनुपलब्धता के कारण काम ठप पड़ा हुआ है।
खराब प्रबंधन के कारण धान खरीदी प्रभावित
केंद्र पर अव्यवस्था का आलम यह है कि पर्याप्त स्थान नहीं होने के कारण धान के भंडारण में दिक्कत आ रही है। खरीदी की प्रक्रिया धीमी होने के कारण किसानों का धैर्य टूटने लगा है।
प्रशासन की लापरवाही:
किसानों का कहना है कि मौके पर कोई सक्षम अधिकारी मौजूद नहीं है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा। शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
किसानों की मांगें:
किसानों ने शासन और प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
1. व्यवस्थाओं में सुधार: खरीदी केंद्र पर बारदाने, पल्लेदार और स्थान की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
2. भ्रष्टाचार की जांच: किसानों द्वारा लगाए गए लेन-देन के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
3. सुरक्षा व्यवस्था: चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
4. खरीदी प्रक्रिया में तेजी: तुलाई प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसानों को लंबे इंतजार से मुक्ति मिले।
मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री पर उठे सवाल
धान खरीदी केंद्रों पर किसानों की हो रही परेशानियों ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से किसानों को उम्मीद है कि वे इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेंगे।
किसानों की नाराजगी:
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ तभी ले पाएंगे, जब व्यवस्थाएं सही होंगी।
क्या व्यवस्था सुधरेगी?
धान खरीदी केंद्रों की वर्तमान स्थिति किसानों की मेहनत और सरकार की योजनाओं पर सवालिया निशान लगा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन समस्याओं को हल करने के लिए कब और कैसे कदम उठाता है।

