मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने संगम में की आस्था की डुबकी, प्रदेश और राष्ट्र की समृद्धि के लिए की प्रार्थना
प्रयागराज, माघ मेला 2025 – मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं रीवा विधायक श्री राजेंद्र शुक्ला ने अपनी धर्मपत्नी के साथ प्रयागराज स्थित पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर उन्होंने मध्य प्रदेश और संपूर्ण भारत की शांति, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए मां गंगा से प्रार्थना की।
संगम स्नान के पश्चात श्री शुक्ला ने कहा कि माघ मास में प्रयागराज का संगम स्नान अत्यंत पुण्यदायी और मोक्षदायी माना गया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में इस अवसर का विशेष महत्व है, जहां देवताओं, ऋषियों और गृहस्थों द्वारा संगम स्नान को आध्यात्मिक उन्नति का साधन माना जाता है। उन्होंने कहा कि "माघ मास का यह संगम स्नान जीवन में पवित्रता और सकारात्मकता का संचार करता है।"
गंगा स्नान का आध्यात्मिक महत्व
श्री शुक्ला ने कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आधारशिला हैं। पवित्र गंगा जल में स्नान से आत्मशुद्धि होती है और यह पूर्वजों द्वारा स्थापित परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
उत्तर प्रदेश सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना
इस दौरान श्री शुक्ला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मेले में की गई सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन की उच्च स्तरीय व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संगम क्षेत्र में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद प्रशासन ने व्यवस्थित एवं अनुशासित प्रबंधन किया है, जो सराहनीय है। श्री शुक्ला ने कहा, "इस विशाल आयोजन में स्वच्छता और सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था देखना अत्यंत हर्ष का विषय है।"
संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया
संगम स्नान के बाद श्री शुक्ला ने तुलसीपीठाधीश्वर, पद्म विभूषण, जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि संतों का सान्निध्य जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करता है और वे मार्गदर्शन का कार्य करते हैं। इस भेंट के दौरान जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज ने प्रदेश एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामना की।
सनातन धर्म के अनुयायियों को संदेश
उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि गंगा स्नान केवल आत्मिक शुद्धि का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे धर्म और संस्कृति के संरक्षण में योगदान दें और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं
उन्होंने कहा, "गंगा हमारी संस्कृति की जीवनरेखा हैं और हमें अपनी आस्था एवं परंपराओं को संजोने का संकल्प लेना चाहिए।"
गंगा स्नान का अनुभव
अपने अनुभव साझा करते हुए श्री शुक्ला ने कहा कि मां गंगा के पावन जल में स्नान से अद्भुत शांति और ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य पूर्व जन्मों के पुण्यों के कारण प्राप्त होता है और ऐसे अवसर को हर सनातनी को अवश्य अपनाना चाहिए।
मेला क्षेत्र में भव्य आयोजन
इस दौरान पूरे मेले में धार्मिक अनुष्ठानों, प्रवचनों, भजन-कीर्तन और विभिन्न आध्यात्मिक आयोजनों की धूम रही। देशभर से श्रद्धालु संगम क्षेत्र में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।


