महाकुंभ माघ मेले में रीवा, मध्य प्रदेश: उमड़ी भीड़ के बीच प्रशासन ने की व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक कदम उठाए
माघ मेला, जो धार्मिक यात्रा का एक प्रमुख अवसर है, इस बार रीवा जिले में अभूतपूर्व संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इससे प्रशासन के सामने यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने और भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती खड़ी हो गई। हालांकि प्रशासन के कई प्रयासों के बावजूद, भीड़ को नियंत्रित करने में कुछ कठिनाइयां आईं, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मिलकर त्वरित कदम उठाए और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने का प्रयास किया।
मध्य प्रदेश ही नहीं कई प्रांतों की भीड़ राष्ट्रीय राजमार्ग 30 रीवा से चार तरफ गुजरती है। जहां अत्यधिक भीड़ हनुमाना में ज्यादा होने के कारण व्यवस्थाएं अनियंत्रित हो गई। इसके बावजूद भी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक यात्रियों को कोई कठिनाई न हो उसके विकल्प ढूंढे जा रहे है।
जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण
पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल और राजस्व विभाग की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग 30 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि यात्रियों को छांव, भोजन, पानी और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं की भारी कमी महसूस हो रही थी। इसके समाधान के लिए जनपद अध्यक्ष विकास तिवारी को जिम्मेदारी सौंपते हुए निर्देश दिया गया कि जहां भी यात्रियों की भीड़ लगी हो, वहां तत्काल व्यवस्थाएं की जाएं।
प्रशासन ने की त्वरित व्यवस्थाओं की पहल
इस दौरान रायपुर मनगवा तहसील के तहसीलदार दिलीप श्रीवास्तव, राजीव शुक्ला, मनोज सिंह, अनुविभागीय अधिकारी मनगवा, ओमप्रकाश गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पांडे ने भी मौके पर पहुंचकर यात्रियों की स्थिति का आकलन किया। जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मौके पर बताया कि उनके द्वारा सोहागी चौराहा और कलवारी मोड सहित अन्य तीन-चार पॉइंट्स पर भोजन, पानी, शौचालय और छांव की व्यवस्था की गई है। हालांकि, जब भीड़ अधिक हो जाती है, तो यात्रियों को रोका जा रहा है। इस वजह से प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था बना रहा है ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उत्तर प्रदेश से मिली जानकारी के आधार पर कदम उठाए गए
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से प्रशासन को यह जानकारी मिली कि वहां की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुझाव दिए गए थे। इस पर जिला कलेक्टर ने तुरंत अपने अधिकारियों के साथ सड़क पर उतरकर यात्रियों को कोई भी कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया। प्रयागराज से जैसे ही सूचना प्राप्त होती है कि वाहनों की संख्या में कमी आई है, उन्हें भेजने की योजना बनाई जाएगी।
सुविधाओं के लिए उठाए गए कदम
राजस्व विभाग के तहसीलदार ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशों के तहत सभी व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। यात्रियों के लिए अस्थाई शौचालय, छांव, भोजन, और पानी की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, कुछ स्थानों पर व्यवस्था में चुनौतियां उत्पन्न हुईं, लेकिन प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए हैं ताकि यात्रियों को कोई भी असुविधा न हो।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की सक्रियता
हनुमाना, चाकघाट, सोहागी, कलवारी मोड, गंगेव और मनगवा, जैसे प्रमुख स्थानों पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों को तैनात किया गया है। इन टीमों को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से तैनात किया गया है। इसके साथ ही स्थानीय सरपंचों से भी बातचीत की जा रही है ताकि आगे और बेहतर व्यवस्थाएं बनाई जा सकें।
प्रशासन पूरी तरह से तत्पर है ताकि माघ मेला में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


