भीषण सड़क दुर्घटना: 12 घायल, 4 की हालत गंभीर 2 की मृत्यु
(विंध्य वसुंधरा समाचार गढ़ रीवा मध्यप्रदेश , 23 फरवरी 2025) (रात्रि 9 बजे):
गढ़ क्षेत्र के अगड़ाल स्थित आजाद ढाबा के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना में 12 लोग घायल हो गए, जिनमें से 2 लोगों की मौत हो गई और 4 की हालत गंभीर बनी हुई है। यह हादसा तब हुआ जब एक तेज रफ्तार गामा वाहन ने ढाबे के पास खड़े एक ऑटो को टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, और स्थानीय लोग घायलों की सहायता के लिए दौड़ पड़े।
मृतकों की पहचान
1. रामरति बृजलाल रजक (53 वर्ष), निवासी तमरा, थाना गोविंदगढ़।
2. अनीता हॉलीडे (पति प्रमोद ओलांद), निवासी सिध्दीविनायक, पूर्व महाराष्ट्र।
आज 24 फरवरी 2025 की सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगेव में शव परीक्षण के बाद उपनिरीक्षक के एल बागरी, सहायक उपनिरीक्षक सुखेंद्र सिंह एवं आरक्षक रवि तिवारी ने शवों को परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया घटना की जानकारी मिलते ही गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पाण्डेय अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने 108 एंबुलेंस और डायल 100 की सहायता से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गंगेव भिजवाया। सूचना मिलने पर एसडीओपी मनगवां आई.पी.एस. ओम प्रकाश, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पी.एस. त्रिपाठी, नायब तहसीलदार (वित्त) गढ़ मनोज सिंह और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर देवब्रत पाण्डेय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगेव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
सड़क सुरक्षा में लापरवाही बनी हादसे का कारण रीवा से चाकघाट तक फैले राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। ढाबा और होटल संचालकों द्वारा निजी मुनाफे के लिए डिवाइडर कटवा दिए जाने से वाहन चालक भ्रमित होकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन इस गंभीर मुद्दे की अनदेखी कर रहा है, जिससे आम जनता को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।अधूरी सर्विस रोड और अनधिकृत डिवाइडर कट बन रहे खतरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अधूरी सर्विस रोड और अनधिकृत डिवाइडर कट दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह बन रहे हैं। प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा को नजरअंदाज करना न केवल घोर लापरवाही है, बल्कि यह नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ भी है। सवाल यह उठता है कि क्या कुछ मुआवजा देकर किसी की जिंदगी वापस लाई जा सकती है? सरकार को तत्काल इस मामले पर संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।परिवहन नियमों की अनदेखी राष्ट्रीय राजमार्गों पर परिवहन नियमों की अवहेलना आम हो गई है। नो-पार्किंग जोन में अवैध रूप से वाहन खड़े करने, ढाबों के पास गाड़ियों की लंबी कतारें लगाने और अत्यधिक तेज रफ्तार से वाहनों के चलने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसके बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। जब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं होती, तब तक जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं करते। क्या सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले अधिकारी इस समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे?
घायलों की सूची:
1. रमेश कोरी (49 वर्ष, रीवा)
2. राजकली
3. संगीता
4. सिम्पू
5. बृजलाल
6. सविता
दुर्घटनाग्रस्त वाहन:
ऑटो क्रमांक: MP 17 R 8975
गामा वाहन क्रमांक: MH 11 BV 8047
घटना के समय दोनों वाहन रीवा से चाकघाट की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे अगड़ाल गांव के पास पहुंचे, ऑटो सड़क किनारे ढाबे के पास खड़ा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार गामा वाहन ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 12 लोग घायल हो गए, जिनमें से 6 की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
प्रशासन से सवाल इस भीषण हादसे के बाद एक बार फिर
यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर होगा? क्या उन ढाबा संचालकों पर कोई कार्रवाई होगी जो मुनाफे के लिए डिवाइडर कटवा रहे हैं? क्या परिवहन विभाग सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाने के लिए कोई कदम उठाएगा? जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक आम जनता हादसों का शिकार होती रहेगी। जांच और कार्रवाई की मांग इस दुर्घटना की गहन जांच होनी चाहिए। सड़क निर्माण कंपनी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए कि क्या डिवाइडर और पटरियां सुरक्षित थीं। यदि इसमें लापरवाही पाई जाती है, तो दोषी कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग की पटरियों पर स्थित अवैध दुकानें और ढाबों पर भी प्रकरण पंजीबद्ध किया जाना चाहिए।






